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कैंसर को मात दी, सौतन से हार गई: शबाना की आखिरी ख्वाहिश.. शौहर न देखने पाए जनाजा, दूध वाले के 75 रुपये दे देना

Thu, 27 Mar 2025 09:45 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली

सार

- पति ने कर ली दूसरी शादी, सौतन से तंग महिला ने फंदा लगाकर दी जान
- सुसाइड नोट में पति और ससुरालवालों को बताया जिम्मेदार, मायके वालों ने दी तहरीर
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शबाना और उसका सुसाइड नोट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बुलंद हौसले से कैंसर को मात देने वाली महिला पति की बेवफाई से टूट गई। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बानखाना की रहने वाली शबाना ने सौतन से तंग आकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने पति, सौतन समेत ससुराल वालों पर आरोप लगाए गए हैं। आखिरी ख्वाहिश जताते हुए लिखा है कि शौहर मेरा जनाजा न देखने पाए। मायके वालों की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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कैंसर की वजह से मां नहीं बन सकी शबाना
शबाना के भाई अमान ने बताया कि वर्ष 2012 में बहन की शादी परतापुर गांव में की थी। शादी के कुछ समय बाद ही शबाना कैंसर से ग्रस्त हो गईं। इससे वह मां नहीं बन सकीं। हौसले के दम पर उन्होंने कैंसर को तो हरा दिया, पर इसके बाद पति का व्यवहार बदल गया था। वह आए दिन शबाना की पिटाई करने लगा। अन्य ससुराल वाले भी उसे प्रताड़ित करते थे। दो महीने पहले पति ने दूसरी शादी कर ली। इससे शबाना को गहरा सदमा लगा। वह मायके में रहने लगीं।
 

सुसाइड नोट में पति पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों के अनुसार, बुधवार को उन्होंने अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। इंस्पेक्टर प्रेमनगर आशुतोष रघुवंशी ने बताया कि सुसाइड नोट में शबाना ने पति व अन्य लोगों पर आरोप लगाए हैं। तहरीर के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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आखिरी ख्वाहिश...शौहर न देखने पाए मेरा जनाजा
शबाना ने सुसाइड नोट मेंपति, सौतन व ससुराल के लोगों को लेकर टीस जाहिर की है। लिखा है कि इन लोगों ने बहुत तंग किया है। शौहर मेरा जनाजा न देखने पाए। उनकी संपत्ति या जेवर में से शौहर या किसी ससुराल वाले को हिस्सा न दिया जाए। सारी संपत्ति मेरी तीनों बहनों को दी जाए। उसने बाइक बेचने से मिले 19,000 रुपयों का जिक्र करते हुए लिखा है कि इसी के सहारे उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाए। बहनोई से अपेक्षा की है कि उसकी बहन की जांच करा लें, ताकि उसे औलाद हो जाए। यह भी लिखा है कि दूधवाले के बकाया 75 रुपये दे दिए जाएं।
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