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Bareilly News: डेढ़ साल पहले बनी सीवर लाइन को उखाड़ा, दोबारा बिना टेंडर के काम शुरू

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बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की प्लानिंग उलझ गई है। पहले पैसा खर्चकर सीवर लाइन डाली और अब उसे उखाड़ रहे हैं। नई सीवर लाइन डालने का काम चालू करा दिया है, लेकिन इसके लिए टेंडर नहीं निकाला गया है। इस दोहराव वाले कार्य में करीब 1.50 करोड़ का खर्च आ रहा है।
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रामगंगा नगर के सेक्टर-9 के सामने मुख्य मार्ग के किनारे करीब छह फुट की गहराई में तीन दिन से पोकलैंड पुरानी सीवर लाइन को उखाड़ने में लगी है। यह सीवर लाइन डेढ़ साल पहले डाली गई थी। इस काम को कार्यदायी संस्था जल आकाश ने कराया था। बीडीए के मुख्य अभियंता के मुताबिक, जल आकाश ने एग्जीक्यूटिव क्लब से सेक्टर-11 के मोड़ तक 1500 मीटर लंबाई में सीवर लाइन का काम कराया था। अब इसी में 630 मीटर हिस्से की सीवर लाइन उखाड़ी जा रही है। फिर से सीवर लाइन डालने का काम कार्यदायी संस्था एनडी रेलवे (नरेंद्र देव रेलवे) को दिया गया है। संस्था के इंजीनियर का कहना है कि 630 मीटर की लंबाई में पहले से पड़ी पुरानी सीवर लाइन को उखाड़कर नई लाइन डालने का अतिरिक्त काम बीडीए ने दिया है, लेकिन इसके लिए कोई टेंडर नहीं हुआ है। इसमें 1.50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आएगा। इंजीनियर ने यह भी कहा कि यदि बीडीए पहले से ठीक ढंग से प्लानिंग करता तो सीवर लाइन उखाड़नी नहीं पड़ती और न दोबारा लाइन डालने की जरूरत पड़ती।

काम अधूरा, पर भुगतान 9.20 करोड़ का हुआ
बीडीए से पता चला कि रामगंगा नगर आवासीय योजना के 45 मीटर चौड़े मार्ग पर डोहरा रोड से बीसलपुर मार्ग तक 1100 एमएम और 800 एमएम डाया की ट्रंक सीवर लाइन, आरसीसी नाला और सर्विस लेन का काम कार्यदायी संस्था जल आकाश को मिला था। यह काम 12.21 करोड़ रुपये में होना था। 9.20 करोड़ रुपये का भुगतान भी हो गया है। बीडीए के अभिलेखों के मुताबिक, इन अनुबंधित कार्यों के प्रारंभ होने की तिथि 26 अक्तूबर 2021 तय थी। जबकि 25 अप्रैल 2023 को काम पूरा होना था। लेकिन, कार्य पूरा नहीं हुआ तो 31 अक्तूबर 2023 तक समय बढ़ाया गया। यह तारीख भी बीत गई और काम अधूरा ही है। अब बीडीए ने फिर 31 दिसंबर 2025 तक समय बढ़ाया है। संवाद
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शुरुआत में प्लानिंग थी कि रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली का अलग-अलग एसटीपी बनेगा। फिर तय हुआ कि एसटीपी काॅमन कर दिया जाए, लेकिन इसमें 800 एमएम की क्षमता वाली सीवर लाइन से काम नहीं चल पाएगा। इसलिए 630 मीटर तक के हिस्से में 800 एमएम क्षमता वाली सीवर लाइन की जगह 1100 एमएम की क्षमता वाली पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। अब 630 मीटर में कितनी लागत आ रही है, इसकी जानकारी नहीं है। रही बात बिना टेंडर के कार्य कराने की तो ग्रेटर बरेली में एनडी रेलवे 26 प्रतिशत कम दर पर टेंडर लेकर काम करा है। इसलिए उसी को अतिरिक्त कार्य दिया गया है। - एपीएन सिंह, मुख्य अभियंता-बीडीए
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