बिलपुर स्टेशन पर पटरी बदलने का काम बुधवार को भी जारी रहा। इसके लिए दो बार में करीब दो घंटे के आंशिक ब्लॉक लिया गया, जिसकी वजह से त्रिवेणी और अवध-आसाम समेत कई ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक बिलपुर स्टेशन पर मरम्मत का काम पूरा होने में अभी चार-पांच दिन और लग सकते हैं।
बिलपुर स्टेशन यार्ड के क्रॉस ओवर को बदलकर 52 किलो की पुरानी पटरी की जगह 60 किलो वजन की नई पटरी बिछाई जा रही है। यह काम 18 नवंबर को शुरू हुआ था। पीडब्लूआई राजेंद्र पाल ने बुधवार दोपहर 12 से ढाई बजे के बीच एक-एक घंटे के दो ब्लॉक लेकर डाउन लाइन पर मरम्मत कराई गई। इस दौरान दोनों दिशाओं की रेल लाइनों को जोड़ने वाले क्रॉस ओवर की नई कैंची डालने के लिए भी दोनों तरफ की पटरी बदली गई। ब्लॉक की वजह से बरेली से शक्तिनगर जाने वाली 14370 त्रिवेणी एक्सप्रेस, 15910 अवध आसाम एक्सप्रेस, 13152 जम्मू कोलकाता एक्सप्रेेस, 14235 बरेली वाराणसी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेन प्रभावित हो गई।
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शाहजहांपुर से बरेली का सफर हुआ तीन घंटे का
बरेली। कोहरा न होने के बाद भी ट्रेनों की लेटलतीफी जारी है। अब इससे यात्रियों के सब्र का बांध भी टूटने लगा है। बुधवार को गुवाहाटी एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से पीताम्बरपुर स्टेशन पहुंची जहां आगे ब्लॉक बताकर ट्रेन को स्टेशन पर ही रोक दिया गया। मजबूरी में कई यात्रियों को ट्रेन छोड़कर टेंपो से बरेली की राह पकड़नी पड़ी। कुछ यात्रियों ने स्टेशन पर ही हंगामा शुरू कर दिया। यात्रियों का कहना था कि शाहजहांपुर से बरेली आने में ट्रेन को तीन घंटे लगे। एक्सप्रेस ट्रेन पैसेंजर की तरह बरेली पहुंची है। रेल स्टाफ ने यात्रियों को शांत कराया। ट्रेन को यहां करीब एक घंटे तक खड़ा रखने के बाद जंक्शन के लिए रवाना किया गया।
उधर, बुधवार को भी आला हजरत एक्सप्रेस अपने नियत समय पर सुबह छह बजे नहीं रवाना की जा सकी। दस घंटे की देरी से दोपहर करीब साढ़े तीन बजे ट्रेन को भेजा गया। जम्मू से चलने वाली 12355 अर्चना सुपरफास्ट 18 घंटे देरी से दोपहर तीन बजे जंक्शन पहुंची। 15006 राप्तीगंगा एक्सप्रेस भी सत्रह घंटे देरी से चली। अमरनाथ एक्सप्रेस भी करीब सत्रह घंटे देरी से चली। जननायक ने भी लेटलतीफी का रिकार्ड जारी रखा और आठ घंटे देरी से जंक्शन पहुंची।