यहीं पर मिला था नौवीं महिला का शव
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तीन थानों के ढाई सौ गांव रडार पर
घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अफसरों ने 250 गांवों को रडार पर ले रखा है। वहां अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। अधिकारियों ने गूगल मैप से हत्या स्थल वाले गांवों को चिह्नित किया तो आरोपी की संभावित सक्रियता के लिहाज से 250 गांव दायरे में आए।
कातिल की तलाश में नौ टीमें
एसएसपी ने बताया कि शाही थाने की पांच, शीशगढ़ व मीरगंज थानों की दो-दो टीम समेत नौ टीमों को कातिल की तलाश में लगाया गया है। एसआई टीमों की अगुवाई करेंगे। हर टीम में पांच-पांच लोग शामिल होंगे। उनको संबंधित थानों के गांव बांट दिए हैं। रोज वहां जाकर ग्रामीणों से संवाद करना होगा।
इलाके की महिलाओं में खौफ
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खासतौर पर महिलाओं को जागरूक करना होगा जो अकेली खेतों पर जा रही हैं। ग्रामीणों को भी टोली बनाकर निकलने और संदिग्ध शख्स की पहचान के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, लोगों से कहा गया है कि संदेह के आधार पर किसी से मारपीट या हिंसा बिल्कुल न करें। ऐसी स्थिति में पुलिस को सूचना दें।
अफसरों ने ये कहा
एडीजी पीसी मीना ने बताया कि अधिकतर मामलों में गन्ने के खेत में महिलाओं की गला दबाकर हत्या की गई है। ग्रामीणों ने कुछ पुराने मामलों का भी जिक्र किया है। टीम गठित की गई हैं, सभी में तत्परता से खुलासे का निर्देश दिया है।
आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि सालभर पहले तक जेल से छूटे बंदियों का रिकॉर्ड निकलवाने का निर्देश दिया है। सभी घटनाओं में एक आरोपी मानकर और अलग-अलग आरोपी मानकर जांच करने का निर्देश दिया है।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने कहा कि जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, उनसे यह स्पष्ट है कि सुनसान स्थानों पर ही महिलाओं पर हमला किया जा रहा है। ऐसे में पुलिस के साथ ही जनता का साथ ज्यादा अच्छे नतीजे दे सकता है।