बुलडोजर चलते ही शुरू हुआ विरोध
नगर निगम का बुलडोजर चलते ही वहां पर विरोध शुरू हो गया, लोग अतिक्रमण हटाने को मना करने लगे लेकिन टीम ने किसी की भी नहीं सुनी और कार्रवाई शुरू कर दी। पेट्रोल पंप के पास स्थित मस्जिद के पास किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। इसी के साथ पेट्रोल पंप की दो दुकानें, उसके पास बनी दुकानों को कार्रवाई की गई। निगम की टीम आगे बढ़ी तो सेनेट्री स्टोर की दुकानों पर कार्रवाई की गई। चार दुकानों के पुराने बाजार को में लगे निशान के अनुसार उसे गिरा दिया गया।
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आधे घंटे तक चला अभियान
बताया जा रहा है कि निगम ने पहले ही सभी दुकानों पर नपाई कर लाल निशान लगा दिए थे और लगभग दो महीने से ज्यादा का समय दुकानदारों को दिया गया था, लेकिन उसके बाद भी अतिक्रमण को नहीं हटाया गया। समय पूरा होने के बाद निगम से कार्रवाई की गई। इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। व्यापारी ने विरोध भी किया, स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए मौके पर मजिस्ट्रेट के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसके साये में घंटों तक ध्वस्तीकरण का अभियान जारी रहा।
अभियान के दौरान प्रभावित दुकानदारों ने नगर निगम प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी भी की। व्यापारियों का तर्क है कि उन्हें अपना सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया और न ही उनके रोजगार को बचाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। विरोध और हंगामे के चलते पूरे क्षेत्र में घंटों तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे प्रदर्शनकारी बेबस नजर आए। दूसरी ओर, नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यातायात को सुगम बनाने और शहर के सौंदर्यीकरण के लिए यह सड़क चौड़ीकरण अनिवार्य है, और सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।
नगर के एक्सईएन राजीव राठी ने बताया कि सीएम ग्रिड योजना के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। कार्यों में बाधा बने अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। सभी अतिक्रमण करने वालों को पहले की नोटिस भेज दिए गए थे। अंतिम नोटिस की समय सीमा पूरी होन के बाद निगम अपनी कार्रवाई कर रहा है। निरंतर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।