बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक सुरेश कुमार गुप्ता ने पिता-पुत्र को रजनापुर फरीदपुर के ग्रामीण की हत्या का दोषी माना है। पिता को सात साल कैद की सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं, बेटे को तीन साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक बेटे को नाबालिग मानते हुए उसकी फाइल अलग कर दी गई है। इन लोगों ने दो अप्रैल 2020 को जमीन की रंजिश में सिर पर डंडा मारकर गांव के ही जोगराज की हत्या कर दी थी।
अनेक पाल ने पुलिस को बताया था कि उसके भाई जोगराज व गांव के शिवचंद्र में जमीन के कब्जे को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में शिवचंद्र उसके भाई को गाली देने लगा। जोगराज ने विरोध किया तो शिवचंद्र व उसके बेटे गौरव व एक नाबालिग पुत्र ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया। सिर पर चोट लगने से जोगराज की मौत हो गई थी। पुलिस ने पांच अप्रैल 2020 को रिपोर्ट कर विवेचना शुरू की थी। पुलिस ने नौ अप्रैल 2020 को शिवचंद्र को और 28 जून 2020 को उसके दोनों बेटों को गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने एक बेटे को नाबालिग पाते हुए उसकी पत्रावली अलग कर दी थी। इसके बाद शिवचंद्र व गौरव को सजा सुनाई है। संवाद