बरेली। नाबालिग से जबरन निकाह और होटल में दुष्कर्म करने के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुमार मयंक ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। करीब ढाई साल में मुकदमे का निस्तारण करते हुए 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सुनवाई के दौरान युवक बार-बार यही कहता रहा कि लड़की बालिग है और उसने मर्जी से शादी की है। हालांकि मार्कशीट में लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
घटना किला थाना क्षेत्र में 15 जनवरी 2021 को हुई थी। पीड़िता के चाचा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी चिकन-मटन की दुकान है। मोहम्मद अहमद ऊर्फ सोनू करीब छह वर्ष से काम कर रहा था। आरोप था कि सोनू उसकी 16 वर्षीय भतीजी को बहला-फुसलाकर कहीं ले गया है। भतीजी अपने साथ सोने के जेवर व 50 हजार रुपये नकद भी ले गई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर पांच फरवरी 2021 को झुमका चौराहे पर दिल्ली से आ रही बस से पीड़िता को बरामद कर लिया। पीड़िता ने बयान दिए थे कि सोनू उसे अजमेर लेकर गया था। होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। 17 अगस्त 2021 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। न्यायालय ने साक्ष्यों के अवलोकन करने और गवाहों के बयानों को सुनने के बाद साेनू को सजा सुनाई है। संवाद