बढ़ सकता है बंद किए गए अकाउंट का आंकड़ा
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक सैय्यद इमरान ने बताया कि आरक्षित टिकटों की कालाबाजारी करने वाले फर्जी अकाउंट के जरिये ऑनलाइन टिकट बुक कराकर वास्तविक यात्रियों को नुकसान पहुंचा रहे थे। बरेली में ही ऐसे करीब सात हजार अकाउंट बंद किए गए हैं। हालांकि, बंद किए गए फर्जी अकाउंट का सही आंकड़ा मिलने में अभी कुछ समय लगेगा। यह सात हजार से ज्यादा हो सकता है।
यह भी पढ़ें- UP: पूरब के बाद अब पश्चिम में जमने के लिए मैदान में उतरी ये पार्टी, इस समीकरण पर फोकस; इन्हें साधने का प्लान
रेलवे के पास रहेगा टिकट बुक करने वालों का ब्योरा
बिना आधार प्रमाणीकरण के अब तक कोई भी आरक्षित रेल टिकट बुक कर सकता था। रेलवे के पास टिकट बुक करने वाले का कोई ब्योरा भी नहीं रहता था। नई व्यवस्था में टिकट बुक करने वाले का ब्योरा रेलवे के पास रहेगा। टिकट की कालाबाजारी होने की दशा में संबंधित व्यक्ति तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। इसका सीधा लाभ वास्तविक यात्रियों को होगा।
बुकिंग खुलने के बाद अब 10 मिनट में नो रूम नहीं हो रहीं गाड़ियां
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले साल के मुकाबले इस साल त्योहारी सीजन में ऑनलाइन टिकटों की बिक्री में सुधार हुआ है। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ने बताया कि बुकिंग खुलने के बाद 10 से 15 मिनट में गाड़ियों में वेटिंग होने के साथ गाड़ियां नो रूम हो जाती थीं। फर्जी अकाउंट पर रोक के बाद 30-40 मिनट तक गाड़ियों में सीटें उपलब्ध रहती हैं। मोबाइल एप के जरिये होने वाली ऑनलाइन टिकटों की बिक्री में कमी आई है। दूसरी ओर काउंटर पर आरक्षण कराने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है।
सीनियर डीसीएम संजीव शर्मा ने बताया कि आईआरसीटीसी ने आधार प्रमाणीकरण न कराने वाले सात हजार से ज्यादा फर्जी अकाउंट बंद कर दिए। देशभर में 12 करोड़ से ज्यादा लोग आईआरसीटीसी की वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं। अनुमान के मुताबिक बरेली में बेवसाइट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 11-12 हजार है।