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UP News: इस जिले में सात लाख लोगों ने नहीं कराई ई-केवाईसी, राशन कार्ड से कट सकता है नाम

Sat, 05 Apr 2025 03:26 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली जिले में करीब सात लाख राशनकार्ड धारकों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। 30 अप्रैल अंतिम तारीख है। पूर्ति विभाग ने ऐसे लोगों की सूची तैयार की है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत आच्छादित राशन कार्ड धारकों को 30 अप्रैल तक ई-केवाईसी करानी है। अब तक बरेली जिले के साथ लाख लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। 30 अप्रैल के बाद उनके नाम राशन कार्ड से हटाए जा सकते हैं। पूर्ति विभाग कोटेदारों के जरिये सत्यापन करवाकर ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रहा है।

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राशन कार्ड का उपयोग सिर्फ राशन लेने तक सीमित नहीं। यह आपका पहचानपत्र होता है। इससे कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। कई राज्यों में फर्जी तरह से बीपीएल कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के मामले आए तो बरेली में भी दो वर्ष पूर्व सत्यापन की मुहिम चलाई गई थी। करीब दो हजार लोगों के राशन कार्ड काटे गए थे। कई जिलों से  ऐसे मामले सामने आने पर केंद्र सरकार ने ई-केवाईसी की कवायद शुरू की।

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जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह के मुताबिक, साल भर पहले ई-केवाईसी शुरू हुई। तब तकनीकी खामी के चलते सत्यापन की तिथि आगे बढ़ा दी गई। अब खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त ने 30 अप्रैल तक हर हाल में राशन कार्ड में दर्ज सभी लाभार्थियों का ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा की स्थिति राशन कार्ड उनके नाम हटाए जा सकते हैं।

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जिले में आठ लाख राशन कार्ड और 33 लाख लाभार्थी
पूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नगर क्षेत्र में पात्र गृहस्थी के 2,10,078 राशन कार्ड और 9,38,196 लाभार्थी हैं। अंत्योदय के 4,789 राशन कार्ड और 1,57,55 लाभार्थी हैं। देहात क्षेत्र में पात्र गृहस्थी के 4,58,138 राशन कार्ड और 19,71,521 लाभार्थी हैं। अंत्योदय के 92,822 राशन कार्ड और 2,80,145 लाभार्थी हैं। पूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार करीब 75 फीसदी लाभार्थियों की ई-केवाईसी हो चुकी है।

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कोटेदारों को निर्देश, सत्यापन में करेंगे पूरा सहयोग
जिला पूर्ति अधिकारी के मुताबिक, लाभार्थियों के सत्यापन के लिए कोटेदारों को शासन से जारी निर्देश का अनुपालन कराने के लिए कहा गया है, ताकि कोई व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न हो। कई लाभार्थियों ने परिजनों के दूसरे राज्य में नौकरी करने की वजह से जिले में मौजूद न होने की बात कही। ऐसे लोगों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से ई-केवाईसी कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।


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