बरेली। बिजली व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए सात सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए। बिजनेस प्लान, आरडीएसएस सहित विभिन्न योजनाओं के तहत मरम्मत और लाइनें बदलने के काम कराए गए। इसके अलावा आपूर्ति में सुधार के लिए हर माह सौ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, पर अफसोस कि ये मानसून का पहला झटका भी नहीं झेल सके। बिजली व्यवस्था पूरी तरह धड़ाम हो गई। जून में सात बड़े फाल्ट हो चुके हैं। 17 जून को शहर के सभी 24 उपकेंद्र ठप पड़ गए थे। बिजलीकर्मियों के लिए फाल्ट तलाशना भी मुश्किल हो गया है। अभी पूरा मानसून बाकी है। आगे आने वाली चुनौतियों से बिजली निगम कैसे निपटेगा? यह बड़ा सवाल है। संवाद
केस-1
तीन जून मंगलवार की शाम को बारिश के बाद पूरे शहर में फाल्ट की झड़ी लग गई थी। हरूनगला, कुतुबखाना, महानगर, सन सिटी, शाहादाना उपकेंद्र से जुड़े फीडर पूरी तरह ठप हो गए थे। साढ़े पांच घंटे बाद आपूर्ति सुचारु हो पाई थी।
केस-2
15 जून की रात बारिश के दौरान आधे शहर की बिजली गुल हो गई थी। 33 केवी लाइनें क्षतिग्रस्त होने से शहर के 24 में से 11 उपकेंद्र ठप पड़ गए थे। शहर के अन्य उपकेंद्रों से ट्रांसफार्मर आदि फुंकने की शिकायतें सामने आईं थीं।
केस-3
15 जून की रात आंधी-बारिश के दौरान शहर के सभी 24 उपकेंद्र ठप हो गए थे। 33केवी लाइनें टूटने, केबल बॉक्स जलने ब्रेकर फुंकने की समस्याएं सामने आई थीं। 48 घंटे बाद शहर की बिजली आपूर्ति सुचारु हो पाई थी।
केस-4
18 जून को बारिश के दौरान सुभाषनगर, मढ़ीनाथ और किला उपकेंद्र से पोषित इलाकों में कई उपभोक्ताओं के मीटर खराब हो गए थे। सनसिटी, महानगर और हरूनगला उपकेंद्र से पोषित इलाकों में ट्रांसफार्मर फुंकने से आपूर्ति ठप हो गई थी।
केस-5
19 जून को बारिश के दौरान शहर की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। 20 जून की शाम तक शहरवासियों को परेेशानी का सामना करना पड़ा था। 24 घंटे की मशक्कत के बाद बिजली निगम बमुश्किल शहर की आपूर्ति सुचारु करा पाया था।
केस-6
27 जून को हुई बारिश में डीडीपुरम, राजेंद्रनगर, डेलापीर उपकेंद्र से जुड़े इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। 33 केवी लाइन में फाल्ट होने की वजह से डेढ़ लाख लोग को 24 घंटे तब बिजली नहीं मिल पाई थी।
केस-7
30 जून को बारिश के झटके से ट्रांसफार्मर में खराबी आने, खंभे टूटने के साथ ही पूरे शहर में फाल्ट की झड़ी लग गई थी। इस दौरान पॉश इलाकों से लेकर मलिन बस्तियाें तक बिजली संकट बना रहा। लोग काफी परेशान हुए थे।