बरेली। कुतुबखाना पुल को चौपुला मार्ग पर ही उतारा जाएगा। इसकी तकनीकी रिपोर्ट स्मार्ट सिटी कंपनी को सौंप दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद स्मार्ट सिटी कंपनी, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने कुतुबखाना पुल के लिए चौपुला मार्ग का मुआयना किया। यह मार्ग अब एनएचएआई के अधीन है। लिहाजा पुल निर्माण के लिए एनओसी देने को स्मार्ट सिटी कंपनी ने एनएचएआई को चिट्ठी लिखी है।
कुतुबखाना पुल पहले जिला अस्पताल मार्ग पर उतारा जाना था लेकिन व्यापारियों के विरोध के बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इसकी दिशा बदलवा दी। अब चौपुला मार्ग पर पुल उतारा जाएगा। इसकी वजह यह बताई गई है कि इस क्षेत्र में सरकारी जमीन अधिक है। दुकानें कम टूटेंगी। उसी दौरान सेतु निगम को निर्देश दिए गए कि वह इसके लिए तकनीकी रिपोर्ट तैयार करके स्मार्ट सिटी कंपनी को सौंप दे। सेतु निगम ने स्मार्ट सिटी कंपनी को यह रिपोर्ट सौंप दी है।
रिपोर्ट मिलने के बाद स्मार्ट सिटी कंपनी के महाप्रबंधक भूपेश कुमार सिंह, एई सुशील सक्सेना, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के इंजीनियरों के साथ कुतुबखाना पहुंचे। यहां चौपुला मार्ग का निरीक्षण कर फ्लाईओवर के लिए जमीन की उपलब्धता देखी। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने बताया कि पहले यह मार्ग उनके विभाग के पास ही था लेकिन दो साल पहले एनएचएआई को सौंप दिया गया। ऐसे में चौपुला मार्ग पर पुल उतारने के लिए एनएचएआई से अनुमति लेनी होगी। मौका मुआयना के बाद स्मार्ट सिटी कंपनी ने एनएचएआई मुख्यालय के सीजीएम को एनओसी के लिए पत्र लिखा है।
जिला अस्पताल के सामने फुट ओवरब्रिज पर रखा गर्डर
जिला अस्पताल के सामने स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से बनाया जे रहे फुट ओवरब्रिज का काम फिर शुरू हो गया है। इंजीनियरों की टीम ने बुधवार को यहां गर्डर रखा। कुतुबखाना पुल निर्माण के चलते यह कार्य कुछ धीमा हो गया था। कुछ अन्य कारण भी रहे थे।