राशन लेने के लिए लोगों की लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
जवाहरनगर में कोटेदार के खिलाफ दर्ज होगी रिपोर्ट, दोपहर तक दुकान न खुलने पर चनेहटा में हंगामा
बरेली। लॉकडाउन में प्रशासन एक ओर भीड़ कम करने की कोशिश कर रहा है, जबकि दूसरी ओर कोटेदारों की मनमानी और सर्वर डाउन होने से कार्डधारकों की भीड़ कम नहीं हो रही है। तमाम कोटेदारों के बगैर बताए गायब होने के मामले भी सामने आए है। जवाहरनगर में कोटे की दुकान बंद होने पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। इसी तरह चनेहटा में दोपहर तक दुकान न खुलने से नाराज कार्डधारकों ने हंगामा किया।
एक अप्रैल से कोटे की दुकानों पर करीब 99 हजार अंत्योदय के साथ पात्र गृहस्थी के आठ लाख कार्डधारकों को राशन का वितरण किया जा रहा है। शुरूआत में जबरदस्त भीड़ की वजह से लॉकडाउन का उल्लंघन हो रहा था। प्रशासन की सख्ती और पुलिस कर्मियों की तैनाती के पास कोटे की दुकानों पर स्थिति कुछ नियंत्रण में आई है तो अब सरवर की दिक्कत और कोटेदारों की मनमानी से दुकानों के बाहर भीड़ लग रही है। बड़ी संख्या में कार्डधारकों को राशन भी नहीं मिल पा रहा है। शनिवार को जवाहरपुर में कोटे की दुकानें बंद थी, जबकि कार्डधारक भीड़ लगाए हुए खड़े थे। शिकायत पर पहुंचे आपूर्ति विभाग के एआरओ धर्मेंद्र सिंह ने भी मालूम किया लेकिन कोटेदार का कोई अता-पता नहीं लग सका है। एआरओ ने बताया कि कोटेदार पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। उधर क्यारा के चनेहटा गांव में कोटेदारों के शनिवार को दुकान न खोलने पर कार्डधारकों ने हंगामा किया। कार्डधारकों का कहना है कि सुबह दुकान छह बजे खुल जानी चाहिए थी लेकिन कोटेदार सुबह 10 बजे तक नहीं आया था। इसके अलावा सुभाषनगर, ईदगाह, बाकरगंज सहित कई जगहों पर कोटे की दुकानों के बाहर भीड़ लग रही।
‘कोटेदारों पर निगरानी रखी जा रही है। कोशिश की जा रही है कि सभी कार्डधारकों को राशन का जल्द वितरण करा दिया जाए।’ -सीमा त्रिपाठी, डीएसओ
कंट्रोल रूम में राशन से संबंधित दर्ज हो रही सर्वाधिक शिकायतें
कलक्ट्रेट में बने कंट्रोल रूम में 11 विभागों में सबसे ज्यादा शिकायतें पूर्ति विभाग से संबंधित ही दर्ज हो रही है। इसमें ज्यादातर लोगों की शिकायत है कि उनके पास या तो कार्ड नहीं है या फिर उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है।