सोशलमीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों से सतर्क रहने की अपील करते पुलिस और प्रशासन के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
समुदायों के बीच दूरियां बढ़ने की आशंका, अफसरों ने की अफवाहें न फैलाने की अपील
बरेली। तब्लीगियों के देश भर में कोरोना फैलाने की खबरों के बीच खुराफातियों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और मेसेज वायरल कर पुलिस के लिए नई समस्या पैदा कर दी है। हाल ही में एक फल के ठेले पर सेबों को थूक लगाकर टोकरी में रखने का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में दहशत बढ़ी है। लोग फल खरीदने से बच रहे हैं या फल खरीदने से पहले ठेले वालों का धर्म पूछ रहे हैं। हालांकि पुलिस की जांच में पता चला है कि वीडियो पिछले साल का है और आरोपी पर कार्रवाई भी हो चुकी है।
तब्लीगियों के खिलाफ देश भर में फैले आक्रोश, इंदौर में डॉक्टरों से मारपीट और पुलिस से बदसलूकी की घटनाओं के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे खुराफाती वीडियो, ऑडियो और भड़काऊ पोस्ट लोगों को बेचैन कर रही हैं। नोटों पर थूक और नाक की गंदगी लगाने और फलों पर थूक लगाने के वीडियो भड़काऊ कमेंट के साथ वायरल हो रहे हैं। पुलिस-प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया पर चल रही इन हरकतों से समुदायों के बीच दूरियां बढ़ सकती हैं और नई समस्या पैदा हो सकती है।
हाल ही में थूक लगाकर सेब बेचने के वीडियो का एसएसपी शैलेश पांडेय ने संज्ञान लेकर साइबर सेल से जांच कराई तो पता लगा कि यह दिल्ली का फरवरी 2019 का वीडियो है, इसमें उसी वक्त विक्रेता पर कार्रवाई हो चुकी है। फर्जी वीडियो वायरल करने के मामले में शुक्रवार को दिल्ली के रायसीना थाने में नई रिपोर्ट भी लिखाई गई है।
धार्मिक भेदभाव न करें: एडीजी
लॉक डाउन में घरों में रह रहे लोगों का वक्त सोशल मीडिया पर व्यस्त रहने और टीवी पर कोरोना के समाचार देखने में बीत रहा है। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और मेसेज वायरल हो रहे हैं जिनका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं होता। कई एडिट किए वीडियो होते हैं। लोग इन्हें वास्तविक समझकर दूसरों को भी भेज देते हैं। यह सही नहीं है। लोगों को सोशल मीडिया पर अफवाहों का हिस्सा बनने से बचना चाहिए। सभी को यहीं रहना है, आपसी भाईचारा मजबूत करें। - अविनाश चंद्र, एडीजी
पुलिस करेगी कार्रवाई, लोग भी जागरुक हों: एसएसपी
इस माहौल में सोशल साइट्स पर पचास फीसदी से ज्यादा जानकारी भ्रामक है। कई चीजें माहौल के हिसाब से एडिट की गई हैं। पुलिस की साइबर सेल ऐसे मामलों में निगाह रखकर कार्रवाई कर रही है। थानों और चौकियों पर भी बैठकें करके पुलिस सामाजिक सद्भाव बढ़ाने में जुटी है। लोगों को भी जागरुक होना चाहिए। किसी वीडियो या ऑडियो के आधार पर किसी व्यक्ति या समुदाय के बारे में धारणा बनाना गलत है। - शैलेश पांडेय, एसएसपी