फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: बड़े अफसरों को क्लीन चिट, छोटों पर गिरी गाज

Mon, 06 Apr 2026 01:22 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। सेटेलाइट बस अड्डे के पास खुले नाले में गिरकर हरदोई निवासी तौहीद की मौत के मामले में छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई का चाबुक चल गया, पर बड़े अफसरों की न तो जवाबदेही तय हुई, न ही उन पर कोई कार्रवाई की गई। अब इस पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन

24 मार्च की रात हादसे के 30 घंटे बाद तौहीद का शव बरामद किया गया था। नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय के नेतृत्व में जांच टीम गठित की थी। शनिवार को सौंपी गई रिपोर्ट में दो जूनियर इंजीनियर (जेई), एक सफाई निरीक्षक, सफाई नायक, सुपरवाइजर और संबंधित ठेकेदार को दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि नाले का खुला होना और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ही मौत का कारण बनी।
रिपोर्ट में निर्माण और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को नजरअंदाज किया गया है। नाला खुला होने और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर उच्चाधिकारियों की होती है, लेकिन जांच रिपोर्ट में उन्हें जिम्मेदार नहीं माना गया है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि यदि समय रहते बड़े अधिकारियों ने निगरानी की होती और सुरक्षा घेरे बनवाए होते तो तौहीद की जान बचाई जा सकती थी।
विज्ञापन


नोएडा की घटना में हुई थी सख्त कार्रवाई
जांच रिपोर्ट की तुलना नोएडा के हालिया घटनाक्रम से भी की जा रही है, जहां इसी तरह की लापरवाही पर शासन ने बड़े अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर नजीर पेश की थी। इसके विपरीत बरेली नगर निगम की कार्रवाई से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि निचले स्तर के कर्मचारियों पर दोष मढ़कर उच्चाधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय ने बताया कि जांच रिपोर्ट तथ्यों के आधार पर तैयार कर नगर आयुक्त को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई उन्हें ही करनी है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें