कोरोना की वजह से रुहेलखंड विश्वविद्यालय अभी नहीं ले पा रहा फैसला
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करीब 16 हजार छात्रों से प्रवेश परीक्षा के लिए फीस ले चुका विश्वविद्यालय
बरेली। कोरोना की वजह से रुहेलखंड विश्वविद्यालय सेमेस्टर कक्षाओं की प्रवेश परीक्षाएं कराने को लेकर अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंच पा रहा है। इसलिए अब दूसरे विश्वविद्यालयों से सुझाव लेकर तैयारी शुरू की जाएगी। यह परीक्षा न होने से सत्र पिछड़ रहा है। हालांकि यह परीक्षाएं सितंबर में कराने की तैयारी चल रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन हर साल एमएसी, एमएड, एलएमबी, बीएलएड, बीपीएड, एमफिल आदि सेमेस्टर कक्षाओं में दाखिला प्रवेश परीक्षा के माध्यम से लिया जाता है मगर इस बार कोरोना की वजह से यह तय नहीं हो पा रहा है कि इनके लिए परीक्षाएं किस तरह से कराई जाए। कुछ दिन पहले परीक्षा समिति की बैठक में भी इस मामले पर बाद में कोई निर्णय लिए जाने की बात कही गई थी। विश्वविद्यालय ने इन कक्षाओं कें प्रवेश के लिए करीब 16 हजार अभ्यर्थियों से करीब 80 लाख रुपये फीस भी प्रवेश परीक्षा के नाम पर जमा कर चुका है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि ये परीक्षाएं दूसरे विश्वविद्यालय कैसे करा रहे हैं... यह देखकर कोई निर्णय लिया जाएगा।
27 से शुरू होने वाली परीक्षाओं को लेकर भी चिंता
रुहलेखंड विश्वविद्यालय स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष की कोरोना की वजह से नहीं हो सकी परीक्षाओं को 27 अगस्त से कराने जा रहा है। इसका शेड्यूल भी तैयार हो चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सेंटरों पर सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा।