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UP News: इस जिले में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की तलाश शुरू, 15 दिन चलेगा विशेष अभियान

Mon, 26 May 2025 02:44 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली जिले में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की तलाश में 15 दिवसीय अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए एसएसपी ने सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों का गठन किया है। ये टीमें अपने थाना क्षेत्र में ऐसे लोगों की तलाश करेंगी, जो संदिग्ध हैं। उनका सत्यापन किया जाएगा।
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एसएसपी अनुराग आर्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पाकिस्तानियों के सत्यापन के बाद शासन के निर्देश पर अब जिले में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहने वाले रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश के लिए 15 दिवसीय अभियान शुरू किया गया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने थानावार टीम लगाकर विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है। अनधिकृत रूप से जिले में रहने वाले लोगों के प्रमाणपत्र निरस्त कर उन्हें मिल रहीं सरकारी सुविधाएं बंद करने की तैयारी है। इसमें मददगार कर्मचारियों को चिह्नित करके उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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इन बिंदुओं पर जांच के निर्देश
- बांग्लादेशी/रोहिंग्या नागरिकों ने अपने प्रवास को विनियमित करने के लिए कौन-कौन से अभिलेख/सुविधाएं हासिल की हैं। इनमें राशन कार्ड, वोटर लिस्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, शस्त्र लाइसेंस, पासपोर्ट व आधार कार्ड आदि हो सकते हैं।
- फर्जी अभिलेखों तथा सुविधाओं के संबंध में जांच पूरी होने पर उनके निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। उन बिचौलियों और विभागीय कर्मचारियों/अधिकारियों की पहचान की जाए जिन्होंने यह सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग दिया है। सभी पर विधिसम्मत कार्रवाई कराई जाए।
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- झुग्गी-झोपड़ियों में आवासित बांग्ला/असमिया भाषी लोगों के अवैध बांग्लादेशी/रोहिंग्या नागरिक चिह्नित होने पर उनके फिंगरप्रिंट लेकर राज्य फिंगरप्रिंट ब्यूरो को भेजा जाए, वहां इनके बारे में जिलावार कंप्यूटराइज्ड डाटाबेस अलग से रखा जाए।
- झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे बांग्ला/असमिया भाषी लोगों के संबंध में राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- झुग्गी-झोंपड़ियों में रह रहे लोगों का स्थानीय स्रोतों की सहायता से भी सघन सत्यापन कराया जाए।
- जिला पुलिस व एलआईयू संयुक्त रूप से इनकी पहचान करे।
- बांग्ला/आसमिया भाषी कितने लोग आजीविका के लिए रिक्शा चलाने, मीट फैक्टरी में काम करने, कूड़ा-कबाड़/पॉलीथिन बीनने, कॉलोनियों की सफाई करने, महिलाओं द्वारा घरेलू नौकर के रूप में काम करने का काम कर रहे हैं।

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हर थाने में बनाई विशेष टीम
हर थाने में इस अभियान के लिए एसएसपी ने टीम गठित कराई हैं। टीम में एक दरोगा, एक पुरुष मुख्य आरक्षी, दो पुरुष आरक्षी व दो महिला आरक्षी नामित करके टीम का विवरण अपने कार्यालय में तलब किया है। यह टीम इन दिनों में रोज सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और रात में आठ बजे से 11 बजे तक पूरे थाना क्षेत्र में भ्रमण कर इन लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी।

प्रारूप में भरनी होगी ये जानकारी
- कौन व्यक्ति बाहर से आकर यहां रह रहा है।
- कौन अस्थाई रूप से रह रहा है तथा कौन स्थाई रूप से।
- किस कारण से रह रहा है।
- परिवार सहित रह रहा है या अकेला।
- यदि कोई अजनबी व्यक्ति रह रहा है तो उसके बारे में जानकारी जुटाएंगे।
- ऐसा व्यक्ति जिसकी गतिविधियां संदिग्ध हो, इसकी जानकारी की जाएगी।
- इन सभी लोगों का सत्यापन संलग्न प्रारूप में किया जाएगा और सत्यापन आख्या 11 जून तक सुबह 10 बजे एसएसपी के वाचक कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी।
- टीम जब भी थाना क्षेत्र में सत्यापन के लिए जाएगी तो स्थानीय अभिसूचना इकाई के संबंधित बीट कर्मी को साथ रखेगी।
- सत्यापन के दौरान विशेष रूप से सड़क किनारे, रेलवे लाइन के किनारे, नदी किनारे, खुले मैदान में, डेरे में, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को जरूर देख लिया जाए।

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि रोहिंग्या, बांग्लादेशी व अवैध रूप से जिले में रह रहे लोगों का सत्यापन शुरू किया गया है। एक प्रारूप पर जानकारी भरकर हर थाने की टीम थाना प्रभारी के जरिये वाचक कार्यालय भेजेगी। 11 जून को अभियान की समीक्षा की जाएगी। शासन का निर्देश है कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। इनके अवैध रूप से रहने, इनको गलत तरीके से दस्तावेज व सुविधाएं दिलाने में जिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल मिले, शासन उनके विरुद्ध भी कार्रवाई करेगा। 

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