हर थाने में बनाई विशेष टीम
हर थाने में इस अभियान के लिए एसएसपी ने टीम गठित कराई हैं। टीम में एक दरोगा, एक पुरुष मुख्य आरक्षी, दो पुरुष आरक्षी व दो महिला आरक्षी नामित करके टीम का विवरण अपने कार्यालय में तलब किया है। यह टीम इन दिनों में रोज सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और रात में आठ बजे से 11 बजे तक पूरे थाना क्षेत्र में भ्रमण कर इन लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी।
प्रारूप में भरनी होगी ये जानकारी
- कौन व्यक्ति बाहर से आकर यहां रह रहा है।
- कौन अस्थाई रूप से रह रहा है तथा कौन स्थाई रूप से।
- किस कारण से रह रहा है।
- परिवार सहित रह रहा है या अकेला।
- यदि कोई अजनबी व्यक्ति रह रहा है तो उसके बारे में जानकारी जुटाएंगे।
- ऐसा व्यक्ति जिसकी गतिविधियां संदिग्ध हो, इसकी जानकारी की जाएगी।
- इन सभी लोगों का सत्यापन संलग्न प्रारूप में किया जाएगा और सत्यापन आख्या 11 जून तक सुबह 10 बजे एसएसपी के वाचक कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी।
- टीम जब भी थाना क्षेत्र में सत्यापन के लिए जाएगी तो स्थानीय अभिसूचना इकाई के संबंधित बीट कर्मी को साथ रखेगी।
- सत्यापन के दौरान विशेष रूप से सड़क किनारे, रेलवे लाइन के किनारे, नदी किनारे, खुले मैदान में, डेरे में, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को जरूर देख लिया जाए।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि रोहिंग्या, बांग्लादेशी व अवैध रूप से जिले में रह रहे लोगों का सत्यापन शुरू किया गया है। एक प्रारूप पर जानकारी भरकर हर थाने की टीम थाना प्रभारी के जरिये वाचक कार्यालय भेजेगी। 11 जून को अभियान की समीक्षा की जाएगी। शासन का निर्देश है कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। इनके अवैध रूप से रहने, इनको गलत तरीके से दस्तावेज व सुविधाएं दिलाने में जिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल मिले, शासन उनके विरुद्ध भी कार्रवाई करेगा।