बरेली। पीलीभीत के राइस मिलर के मामले में संतोष टंडन नाम के मृत व्यक्ति को जिंदा बताकर पचास लाख रुपये ठगी और अफसरों को गुमराह करने वाले अब रडार पर हैं। फर्जी संतोष टंडन उर्फ राजू के बयान के बाद कई संस्थाओं के अधिकारी व कर्मचारी भी आरोपी बनने जा रहे हैं। बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। अधिकारियों के निर्देश पर अब इज्जतनगर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय संतोष टंडन का आधार कार्ड, पैन कार्ड बनाने वालों को भी ट्रेस कर रही है।
असली संतोष टंडन की बेटी प्रियंका टंडन की ओर से इज्जतनगर थाने में दर्ज मामले में पहली कार्रवाई पुलिस ने शुक्रवार को कर दी। बबलू कश्यप, ख्वाजुद्दीन और फर्जी संतोष टंडन उर्फ राजू उर्फ राजदीप को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस टीम नन्हे अहमद, नरवीर वर्मा, अंकुर जैसवार, पुरुषोत्तम गंगवार और राजकुमार की तलाश की जा रही है। इनमें अधिकांश आरोपी पीलीभीत जिले के हैं, इसलिए पुलिस की एक टीम पीलीभीत भेजी गई है। इनमें अधिकांश आरोपी वह हैं जिन्हें प्रियंका टंडन व अर्पित अग्रवाल दोनों ने ही अपनी एफआईआर में आरोपी बनाया है, बताया है कि राजू को संतोष टंडन बनाने की योजना इन्हीं ने बनाई जिसमें कई लोग फंसते चले गए। इन्हीं लोगों ने राजू को डीजीपी कार्यालय में संतोष टंडन बनाकर पेश किया जिसके बाद बरेली के पुलिस अधिकारी गुमराह हुए और प्राथमिक जांच शुरू की गई।
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फुटेज और सर्विलांस से बढ़ेंगे नाम
- अधिकारियों के निर्देश पर अब इज्जतनगर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय संतोष टंडन का आधार कार्ड, पैन कार्ड बनाने वालों को भी ट्रेस कर रही है। बैंक में खाता खोलने में किन लोगों की भूमिका थी, ये भी जांचा जा रहा है। इसलिए संबंधित स्थानों की उन दिनों की सीसीटीवी फुटेज व संबंधित लोगों के मोबाइल की डिटेल निकाली जा रही है ताकि कड़ियां जोड़कर उन्हें भी आरोपी बनाया जा सके।
वर्जन
- संतोष टंडन प्रकरण से संबंधित अन्य आरोपियों की तलाश और साक्ष्य जुटाने का काम साथ-साथ चल रहा है। दोनों मुकदमे की विवेचना तेजी से चल रही है। जल्दी ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। - मानुष पारीक, एसपी सिटी