सील होने के बाद से परिवार के साथ घर में ही हैं। दिक्कत यह है कि दूध और सब्जी वाले गिनती के रह गए हैं जो सुबह जल्दी आकर चले जाते हैं। सोकर देर से उठें तो न सब्जी मिलती है और न दूध। प्रशासन को चाहिए कि दिन में भी सब्जी और फल वालों के फेरे इधर लगाए जाएं। - प्रीति साहू, गृहणी
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प्रशासन की ओर से हमारी दुकान का मोबाइल नंबर जारी कर दिया गया है। कॉल पर ही लोगों से जरूरी सामान का ऑर्डर ले लेते हैं। इन्हें समय से लोगों के घर भेजकर पेमेंट ले लेते हैं। दुकान पर लोगों के आने से मना कर रखा है। - राजेश अरोरा, दुकानदार
फिलहाल लोगों को दुकान से घर तक सामान पहुंचाने का काम करते हैं। इसमें दूरी और पूरी सावधानी बरत रहे हैं। वैसे जब संक्रमित परिवार की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है तो सील वाला सिस्टम खुल जाना चाहिए। लोग लॉकडाउन का पालन करते रहेंगे। - मनोज सक्सेना, सेल्समैनविज्ञापन
लॉकडाउन और उस पर भी सुभाष नगर के सील होने से मैं काफी दुविधा में हूं। मेरे ससुरालवालों ने मुझे घर से निकाल दिया है। दो बच्चों को लेकर बालाजी मंदिर के पास की गली में मायके में रह रही हूं। रोज थाने के चक्कर लगाती हूं। रास्ते में पुलिसकर्मी टोकते हैं तो थाने जाने पर कहते हैं कि इस समय कोरोना के अलावा दूसरा काम नहीं करेंगे। मेरे ससुरालियों पर कार्रवाई कराएं। - पूजा मिश्रा
प्रधानमंत्री का उठाया हुआ कदम सराहनीय है। बस सरकार को रोजमर्रा कमाई करने वाले कामगारों की आजीविका का ख्याल रखना चाहिए। उन्हें राशन व जरूरी चीजों की सहूलियत घर के पास सही दाम में मिल जाए तो लोग घरों में खुशी खुशी रह लेंगे। - धर्मपाल, टेंपो ड्राइवर
प्रधानमंत्री की अपील मुझे मेरे अभिभावकों की तरह लगी। देश हित में उनकी सोच बहुत सही है। हमको निर्देशों का पालन करना चाहिए। कुछ दिन घर में और रहने से कोई मुसीबत नहीं टूट रही, स्वस्थ रहे तो पूरी जिंदगी काम ही करना है। - अल्पना शर्मा, नाट्य कलाकारविज्ञापन