बहेड़ी। एसडीएम न्यायिक के पेशकार को सस्पेंड किए जाने के बाद से तहसील में अधिकारियों-कर्मचारियों में घबराहट देखने को मिल रही है। एसडीएम ने तहसील के सभी अभिलेख और खतौनियों की बारीकी से जांच कराना शुरू कर दी है।
एसडीएम न्यायिक तृप्ति गुप्ता के पेशकार मोतीराम को जिलाधिकारी ने धारा 80 की पत्रावलियों में गड़बड़ी करने, अनुशासनहीनता समेत कई आरोपों के तहत सस्पेंड कर दिया है। वहीं, एसडीएम न्यायिक भी जांच के घेरे में फंस गई हैं। कमिश्नर तहसील का दौरा कभी भी कर सकते हैं।
इसके मद्देनजर एसडीएम ने प्रत्येक पटल की जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार न्यायालय और एसडीएम न्यायिक के न्यायालय में जिन पत्रावलियों में रिपोर्ट, आदेश या रेस्टोरेशन की कार्रवाई की गई है, उन सबकी जांच सिरे से हो रही है। इस जांच से कई अधिकारियों-कर्मचारियों में घबराहट देखी जा रही है।
वहीं, दूसरी ओर दिलीप कुमार ने एसडीएम को बताया कि उनकी जमीन गाटा संख्या 76 में गड़बड़ी की गई है। उनके 1/2 के रकबे को 1/3 कर दिया गया है। उनकी जमीन पर कब्जा कर एक डॉक्टर ने अवैध रूप से निर्माण शुरू करा दिया है, जिसको उन्होंने किसी तरह रुकवाया है। गाटा संख्या 59, 31, 45 से उनका नाम ही गायब कर दिया गया है।
पुरानी खतौनियों को रिकॉर्ड रूम में फाड़कर जमा किया गया है। अब बरेली के रिकॉर्ड रूम से पुरानी पत्रावलियों की जांच की जा रही है। गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
वर्जन,
न्यायिक के पेशकार को जिलाधिकारी ने सस्पेंड कर दिया है। जिलाधिकारी स्तर से जांच की जा रही। खतौनी आदि के मामलों में मिली शिकायतों की जांच कराई जाएगी। तहसील के रिकॉर्ड रूम में किसी को जाने की अनुमति नहीं है। पूरी तहसील को सीसी कैमरे से सुरक्षित किया गया है। - इशिता किशोर, एसडीएम, बहेड़ी