भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में तीन दिन तक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें देशभर के वैज्ञानिक शामिल होंगे। इस वर्ष सम्मेलन विषय ‘मीट सेक्टर में अग्रणी तकनीकों का उपयोग व विकसित भारत के लिए प्रोटीन सुरक्षा की दिशा’ रहेगा।
बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के पशुधन उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग के 50 साल पूरे होने पर अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है। इस उपलक्ष्य में 13वां राष्ट्रीय सम्मेलन 19 से 21 नवंबर तक परिसर में मनाया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को विभाग में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।
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वैज्ञानिकों ने बताया कि इस वर्ष सम्मेलन विषय ‘मीट सेक्टर में अग्रणी तकनीकों का उपयोग व विकसित भारत के लिए प्रोटीन सुरक्षा की दिशा’ रहेगा। राष्ट्रीय आयोजन में देशभर से 200 से अधिक वैज्ञानिक, शोधकर्ता, तकनीकी विशेषज्ञ, निर्यातक, मीट प्रोसेसर, उपकरण निर्माता, पैकेजिंग एवं कोल्ड-चेन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। संयुक्त निदेशक शैक्षणिक डॉ. एस के मेंदिरता ने बताया कि भारत वर्तमान में विश्व के महत्वपूर्ण पशुधन-सम्पन्न देशों में से एक है। देश का वार्षिक मांस उत्पादन 2023-24 में 10.25 मिलियन टन दर्ज किया गया है।
प्रति-व्यक्ति मांस उपलब्धता अभी भी वैश्विक औसत से कम है, जिससे उच्च-गुणवत्ता वाले प्रोटीन की उपलब्धता बढ़ाने, सुरक्षित उत्पादन प्रणालियां अपनाने और मूल्य-वर्धित तकनीकों को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। मांस से संबंधित विषयों व उनके रखरखाव को लेकर देशभर में आ रहे वैज्ञानिक चर्चा करेंगे। इस दौरान डॉ. एआर सेन, डॉ. पीके मंडल, डॉ. गौरी आदि मौजूद रहे।