बरेली। एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो रहा है। स्कूलों की बढ़ती फीस, किताब-कॉपी पर महंगाई को लेकर अभिभावक परेशान हो रहे हैं। शहर के कई स्कूलों ने प्रवेश शुल्क से लेकर ट्रांसपोर्ट फीस तक में 12 फीसदी तक का इजाफा किया है। शहर के कई नामचीन स्कूल प्रवेश के नाम पर ही पांच से 30 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। बच्चों का नामांकन कराने में अभिभावकों को जेब हल्की करनी पड़ रही है।
केस : 1
सीबीगंज निवासी अभिभावक अनुज ने बताया कि स्कूल हर साल शुल्क में वृद्धि तो कर लेते हैं, लेकिन सुविधाओं में इजाफा नहीं करते। कई स्कूलों में तो स्कूल वाहनों की स्थिति कंडम हो चुकी है, पर ट्रांसपोर्ट शुल्क हर साल बढ़ा रहे हैं। कही-कही शासन की गाइड लाइन से ज्यादा शुल्क वसूला जा रहा है। जिला प्रशासन को ऐसे स्कूलों पर सख्ती करनी चाहिए।
केस-2
अभिभावक विनीत कुमार ने बताया कि उनकी बेटी मिनी बाईपास स्थित एक स्कूल में पांचवीं की छात्रा है। कक्षा छह में आने के बाद उसकी फीस बहुत बढ़ा दी गई है। स्कूल से संपर्क किया तो बताया कि कक्षा छह से फीस बढ़ जाती है। अब सीधे 15 फीसदी तक फीस बढ़ा दी गई है। यह तो सीधे तौर पर अभिभावकों की जेब पर डाक है।
वर्जन
शुल्क अधिनियम के तहत स्कूल सिर्फ पांच फीसदी तक शुल्क बढ़ा सकते हैं। वह भी तब, जबकि स्कूल के पास कोई फंड न हो और धन की जरूरत हो। शुल्क समिति को इसकी जांच करनी होती है। समिति की ढिलाई की वजह से कुछ स्कूल ज्यादा फीस बढ़ा देते हैं। अभिभावक संघ इस नियम को लागू कराएगा। - अंकुर सक्सेना प्रदेश अध्यक्ष, अभिभावक संघ
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सभी स्कूल सरकारी गाइड लाइन का पालन कर रहे हैं। अगर किसी अभिभावक को फीस को लेकर कोई समस्या आ रही है तो वह स्कूल से संपर्क जरूर करें। - निर्भय बेनीवाल, अध्यक्ष, इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन
मिशनरी विद्यालय की तीन माह की फीस
कक्षा फीस
नर्सरी से यूकेजी 6,700
एक से पांचवीं 7,820
छह से आठ 8, 250
नौ से दस 9,890
पंजीकरण शुल्क 500
शहर के नामचीन विद्यालय की तिमाही फीस
कक्षा फीस
प्रीएनसी से पांचवीं 17,601
छह से दस 18, 250 से 19,900
11वीं और 12वीं 19,900 से 22,950
पंजीकरण शुल्क 1,000 से 3,000
प्रवेश शुल्क 5,000 से 25,000
नोट : शुल्क रुपये में है। यह विद्यालयों के हिसाब से कम या अधिक भी हो सकता है।
संवाद