बरेली। कोरोना संक्रमण के चलते दो महीने देश में लॉकडाउन रहा। स्कूल-कॉलेज भी बंद रहे। ऐसे में अब बड़ी चुनौती है कि आखिर स्कूल-कॉलेज कैसे खोले जाएं और पढ़ाई कैसे शुरू हो। सरकार ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों ने तो जाना भी शुरू कर दिया है। अब प्राइवेट स्कूलों को खोलने की कवायद की जा रही है। प्राइवेट स्कूलों में वन टेबल-वन स्टूडेंट का नियम लागू होगा। जुलाई के पहले या अंतिम सप्ताह से स्कूलों को खोलने का आदेश हो सकता है। इधर, स्कूल प्रबंधन बच्चों को ऑड-ईवेन फार्मूले पर स्कूल बुलाने पर विचार कर रहे हैं।
स्कूलों के प्रिंसिपलों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। इसके लिए कई तैयारियां की गई हैं। फिलहाल स्कूलों में ऑड-ईवेन फार्मूले के तहत तीन-तीन दिन बच्चों को बुलाने पर विचार किया जा रहा है। एक क्लास में पंद्रह से अधिक बच्चों को नहीं रखा जाएगा। कोरोना संबंधी सारे नियमों का पालन किया जाएगा। हर बच्चे के बैठने के लिए डेस्क नियत की जाएगी। मास्क पहनना भी अनिवार्य होगा।
स्कूल वाले बोले- हम हैं तैयार
बच्चों को पांच से छह फुट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था करेंगे। जिस क्लास में अब तक तीस बच्चे बैठ रहे थे, उसमें सिर्फ पंद्रह बच्चे ही बैठेंगे। सरकार की ओर से लागू होने वाले सभी नियमों का पालन होगा। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बच्चों को ऑड-ईवेन रोल नंबर के अनुसार एक दिन के अंतराल पर बुलाया जाएगा। सभी सतर्कता बरती जाएंगी। फिलहाल अभी ऑनलाइन क्लास चल रही हैं। हमारा पूरा फोकस अभी उसी पर है। - वीके मिश्रा, डीपीएस, प्रिंसिपल।
ऑड-ईवेन फार्मूले के आधार पर बच्चों को स्कूल बुलाने पर विचार चल रहा है। जो बच्चे नहीं आएंगे, उस दिन उनके लिए ऑनलाइन क्लास होगी। बच्चों के हाथों, बैग्स और बस को सैनिटाइज किया जाएगा। यदि किसी बच्चे को बुखार है तो उसका पूरा चेकअप कराया जाएगा। सभी नियमों का पालन करते हुए ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा। - अल्पना जोशी, वीवीएल, पीलीभीत रोड।
अभी बच्चों की ऑनलाइन क्लास चल रही हैं। वे उसमें अच्छा कर रहे हैं। अभिभावक भी क्लास से संतुष्ट हैं। हम सभी एक्टिविटी भी करा रहे हैं। इधर, कोरोना के मामले जिस तरह बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए हम इस समय बच्चों को स्कूल नहीं बुलाना चाहेंगे, लेकिन इसके बाद भी यदि सरकार कोई गाइडलाइन जारी करेगी तो उसका पालन किया जाएगा। - आरके शर्मा, डायरेक्टर, एसआर इंटरनेशनल स्कूल।
स्कूल में स्टूडेंट्स के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा। एक बेंच पर सिर्फ एक स्टूडेंट को बैठाया जाएगा। उनके बीच दो से तीन मीटर की दूरी रखी जाएगी। लैब और लाइब्रेरी में भी एक बार में 10-12 से ज्यादा स्टूडेंट्स की एंट्री नहीं होगी। इसके अलावा खेल के मैदान में भी शारीरिक दूरी का पालन करते हुए बैडमिंटन, योगा जैसी एक्टिविटी ही कराई जाएंगी। बस, स्कूल को रोजाना सैनिटाइज कराया जाएगा। - उर्मिला बाजपेयी, प्रिंसिपल, सेक्रेड हार्ट्स।
स्कूलों ने लिए हैं ये फैसले, मास्क पहनना रहेगा अनिवार्य
सभी स्कूल में बच्चों को पूरे समय मास्क लगाना होगा। इसके बिना उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। स्टूडेंट्स के साथ शिक्षकों के लिए भी मास्क अनिवार्य होगा। हर कक्षा के बाहर सैनिटाइजर रखा जाएगा। बच्चों को क्लास में जाने और क्लास से बाहर आते समय हाथों को सैनिटाइज करना होगा। कक्षा में छात्र-छात्राओं की सीटें भी फिक्स होंगी, यानी सीटों की अदला-बदली नहीं की जाएगी।
24 मार्च से बंद हैं स्कूल
शहर के सभी स्कूल 24 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से ही बंद हैं। स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाई कराई जा रही है। अब शासन के आदेश के बाद जुलाई या अगस्त में स्कूलों की खोलने का निर्णय लिया जा सकता है।
कॉपी, पेन, पेंसिल, खाना नहीं करेंगे शेयर
छात्र कॉपी, पेन, पेंसिल, इरेजर, खाना आदि शेयर नहीं कर सकेंगे। छात्र पानी साथ लाएंगे। जो छात्र स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखेंगे, उनके अभिभावकों को सूचित किया जाएगा।
कोरोना योद्धा है कोई अभिभावक तो देनी होगी जानकारी
जो अभिभावक चिकित्सा, सुरक्षा या सफाई के कामों से जुड़े हैं, उन्हें इसके बारे में स्कूल को पहले ही सूचित करना होगा। शिक्षकों से वही मिल सकेंगे, जो फोन पर संपर्क नहीं कर सकते। पहले की तरह पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग नहीं होंगी। हर 15वें दिन स्कूल से बच्चे की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर अभिभावक बात कर सकते हैं।