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Cyber Crime: बरेली में स्कूल संचालक से 49 लाख रुपये की ठगी, साइबर ठग ने खाते से ऐसे निकाली रकम

Wed, 10 Jun 2026 03:51 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर बरेली के एक स्कूल संचालक को अपने जाल में फंसा लिया। उन्हें व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर एप डाउनलोड कराया। इसके बाद चार माह के अंतराल में उनके खाते से 49 लाख से ज्यादा की रकम निकाल ली।  
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साइबर ठगी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में शेयर बाजार में निवेश कराने के नाम पर स्कूल संचालक से 49 लाख 43,898 रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। तत्परता से शिकायत पर 30 लाख रुपये पुलिस ने होल्ड करा दिए हैं। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

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मूलरूप से शाहजहांपुर के रहने वाले आलोक दुबे ने बताया कि वह आशीष रॉयल पार्क में परिवार के साथ रहते हैं। वह साझेदारी में निजी स्कूल का संचालन करते हैं। उन्होंने साइबर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय को बताया कि 16 जनवरी को अंश कुमार नाम बताकर किसी ने उन्हें कॉल की थी। उसने शेयर बाजार में निवेश करने पर मुनाफा होने का झांसा दिया।
 
लिंक भेजकर डाउनलोड कराया एप 
अंश कुमार ने व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर एसएमसी ब्रोकिंग नाम की एक एप्लीकेशन डाउनलोड कराया। केवाईसी करवाकर उस एप पर उनका खाता खुलवा दिया। आलोक से निवेश के नाम पर रकम ट्रांसफर कराई जाती रही। जब आलोक ने रुपये मांगे तो कहा कि 26 अप्रैल तक जमा किए गए रुपये फ्रीज हो गए हैं।
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इसके बाद डाउनलोड कराया गया एप भी बंद हो गया। इसके बाद साइबर ठगों ने स्टार इन्वेस्टमेंट नाम का एप डाउनलोड कराया। इस पर निवेश की गई रकम दिख रही थी लेकिन वह उसे निकाल नहीं पा रहे थे। 

कमीशन व जीएसटी के नाम पर भी लिए रुपये 
अंश ने कमीशन और जीएसटी के नाम पर भी आलोक से रुपये ऐंठ लिए। अब अंश ने उनसे संपर्क करना बंद कर दिया तो उसके बदले अमन तिवारी नाम बताकर कोई बात करने लगा। अमन ने उसे बताया कि एक महीने में उनके रुपये ब्याज समेत मिल जाएंगे, लेकिन कोई रुपया नहीं मिला। 26 जनवरी से 26 अप्रैल के बीच साइबर ठगों ने आलोक से 49,43,898 रुपये ट्रांसफर करा लिए।
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30 लाख रुपये वापस मिलने का रास्ता साफ
इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि आलोक दुबे ने ठगी का अहसास होने पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके और साइबर थाने आकर शिकायत कर दी। इस तत्परता का फायदा ये हुआ कि उनकी 30 लाख रुपये की रकम पुलिस ने संबंधित खातों में ही होल्ड करवा दी। अब विधिक कार्रवाई चल रही है, उसके बाद 30 लाख रुपये तो पीड़ित को वापस करवा दिए जाएंगे। विवेचना में चार्जशीट लगाकर गिरफ्तारी की जाएगी।
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