राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में नए बने राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों का मुख्यमंत्री ने लोकार्पण तो कर दिया लेकिन इनमें शिक्षकों की कमी से पढ़ाई-लिखाई पटरी पर नहीं है। हाल में ही तैयार हुए सात विद्यालयों में जुलाई से शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है लेकिन एक-दो शिक्षकों के सहारे। इससे पहले खुले आठ विद्यालयों का भी यही हाल है। प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाचार्य और सात-सात शिक्षकों के पद हैं। ऐसे में 15 विद्यालयों में 105 शिक्षक तैनात होने चाहिए लेकिन कार्यरत हैं सिर्फ 40।
राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बल्ली में एक भी शिक्षक नहीं है। सिर्फ प्रधानाचार्य के सहारे यह विद्यालय चलाया जा रहा है। राजकीय हाईस्कूल परोथी में भी एक ही शिक्षक है। नवीनगर के स्कूल में तैनाती तीन शिक्षकों की है लेकिन एक लंबी छुट्टी पर हैं और दूसरे को दूसरे विद्यालय में अटैच किया जा चुका है। अब यहां सिर्फ एक ही शिक्षिका हैं। शिवपुरी बालक गांव में खुले स्कूल में भी एक ही शिक्षक है। शिक्षकों की कमी तो है ही इन स्कूलों में सृजित एक-एक लिपिक और चतुर्थश्रेणी के पद भी खाली पड़े हैं।
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चार स्कूलों में प्रधानाचार्य भी नहीं
जिले के नए खुले 15 में से चार स्कूलों में तो प्रधानाचार्य भी नहीं हैं। क्योलड़िया, दलपतपुर, ज्योति जागीर और शिवपुरी बालक गांवों के स्कूलों में प्रधानाचार्य का चार्ज शिक्षकों को देकर प्रभारी बना दिया गया है।
कहां कितने शिक्षक
राजकीय हाईस्कूल शिक्षक
क्योलड़िया 2
दलपतपुर 3
क्यारा 6
सबराह 3
हरहरपुर मटकली 6
बीजामऊ 2
ज्योति जागीर 2
बल्लिया 3
औरंगाबाद 2
अलीनगर 4
परोथी 1
बढ़ेपुरा 2
नवीनगर 3
शिवपुरी बालक 1
बल्ली 0
शिक्षकों की नियुक्ति शासन स्तर का मसला है। मंडल स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जितने शिक्षक मिले हैं, उनकी तैनाती की गई है। और शिक्षकों का इंतजार है। आएंगे तो उनकी भी पोस्टिंग कर दी जाएगी। -आरके सिंह, प्रभारी डीआईओएस