जर्जर भवन में प्राथमिक विद्यालय मॉडल किशोर में पढ़ाई करते बच्चे
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सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि पुराने खंडहर के ठीक पीछे ही कक्षाएं हैं। अगर जर्जर भवन गिरता है, तो यह कक्षाएं भी उसकी चपेट में आ सकती हैं। इससे बड़ा हादसा होने का डर हमेशा बना रहता है। इस विद्यालय में सहायक अध्यापिका सबा मिर्जा अकेली ही 51 बच्चों को पढ़ा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि जर्जर भवन को गिराकर उसकी जगह रसोई बनाने के लिए विभाग को पत्र लिखा है। जिलाधिकारी ने भी इसकी अनुमति दे दी है और जल्द ही इसी पुरानी ईंटों का इस्तेमाल करके रसोई का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
बीएसए संजय सिंह ने बताया कि सभी बीईओ को पत्र जारी कर जर्जर भवनों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके लिए लगातार हमारी टीम भी निरीक्षण कर रही है। जल्द ही ऐसे सभी विद्यालयों को ध्वस्त कराया जाएगा।