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अफसर बताएं.. जो मानकों पर खरा उतरे वो कपड़ा कहां से लाएं

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बरेली। पिछले साल सूबे के कई जिलों के परिषदीय विद्यालयों में मानकों को अनदेखा कर घटिया क्वालिटी की यूनिफार्म वितरण किया गया। साथ ही, निर्माण में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई थी। जिस पर लगाम लगाने के लिए अबकी बार शासन ने निर्धारित मानकों के अनुसार ही यूनिफार्म वितरण के सख्त आदेश दिए हैं। तो अब अधिकारी शासन के तय मानक के अनुरूप कपड़ा खोजने में असमर्थता जता रहे हैं। 15 जुलाई तक ड्रेस वितरण का शासनादेश पूरा नहीं हुआ और जब तक कपड़ा नहीं मिलेगा तब तक ड्रेस निर्माण नहीं कराए जाने की बात अफसर कह रहे हैं।
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बताया जाता है कि पिछले दिनों यूनिफार्म का बजट जारी होने के बाद अफसरों ने सांठगांठ का खेल शुरू कर दिया। आरोप लगा कि खंड शिक्षा अधिकारियों ने प्रधानाध्यापक और स्वयं सहायता समूहों के साथ सांठगांठ कर उनकी ओर से तय फर्म से यूनिफार्म खरीदने का दवाब बनाने लगे। सूबे के ज्यादातर जिलों से शिकायत शासन तक पहुंची तोअपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने डीएम को शिकायतों की सघन जांच कर दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश जारी हुआ तो चल रहे ‘खेल’ में गाज गिरने की आशंका के चलते तय स्वयं सहायता समूह, फर्म और स्कूल प्रबंधक आदि कपड़ों का सैंपल लेकर जांच कराने पहुंचे। जहां सभी सैंपल फेल कर दिए गए। एक भी सैंपल ऐसा नहीं मिला जो शासन के निर्धारित मानक पर खरा उतरे। जिस पर सभी ने अधिकारियों से कपड़ा मुहैया कराने की गुहार लगाई है।
तो बंट जाती घटिया क्वालिटी की ड्रेस
सूत्रों के मुताबिक 15 जुलाई तक शासन ने परिषदीय विद्यालयों में यूनिफार्म वितरण के निर्देश दिए थे। पहले की तरह अबकी बार भी ‘खेल’ में पकड़ में न आने की संभावना के चलते कई फर्मों ने यूनिफार्म तैयार कर ली थी। 8 जुलाई से इन अमानक घटिया क्वालिटी की यूनिफार्म का वितरण होना था लेकिन तब तक मुख्य सचिव का आदेश आ गया और सारी योजना समेत हजारों की तादाद में बनाई गई ड्रेस डंप कर दी गई है।
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3.25 लाख बच्चों को बंटनी है ड्रेस
जिले में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सवा तीन लाख बच्चों को ड्रेस वितरण के लिए 9 करोड़ रुपए का बजट तय हुआ है। जिसका 50 प्रतिशत बजट जारी हो चुका है। पिछले दिनों प्रशासन की निगरानी में विद्यालयों में बच्चों को टाई, बेल्ट, जूते, मोजे और स्टेशनरी समेत किताब वितरित कर दी गई है लेकिन मामला अब यूनिफार्म को लेकर फंस गया है। यूनिफार्म बंटेगी या नहीं अधिकारी मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।

पिछले दिनों यूनिफार्म के कपड़े के जितने भी सैंपल आए वो सभी जांच में फेल हो गए हैं। मंडल के आस-पास भी शासन के निर्धारित मानक के अनुसार कपड़ा नहीं मिल रहा है। इसलिए अब तक यूनिफार्म का निर्माण नहीं हो सका है। जब तक कपड़ा नहीं मिलेगा, यूनिफार्म नहीं बनेगी। इसलिए वितरण कब तक होगा, इस बारे में अभी नहीं कह सकते हैं। - देवेश राय, नगर शिक्षाधिकारी
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