दो बार निरस्त की जा चुकी प्रक्रिया
चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए रोडवेज ने मई से दिसंबर के पहले सप्ताह तक दो बार टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। इसकी आड़ में दागी फर्म से काम लिया जाता रहा। अब पांच दिसंबर को तीसरी बार टेंडर जारी किया गया है। 20 दिसंबर तक टेंडर मांगे गए हैं। बसों में 225 प्रकार के कार्यों के लिए निजी फर्म और आउटसोर्सिंग से कुशल व प्रशिक्षित मैकेनिक उपलब्ध कराने की शर्त रखी गई है। मुख्यालय के साथ ही परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद कई अधिकारी अपनी गर्दन बचाने की जुगत में लग गए हैं।
सेवा प्रबंधक मोहम्मद अजीम ने बताया कि क्षेत्रीय स्तर पर गठित कमेटी की संस्तुतियों के आधार पर बसों की मरम्मत कराई जा रही है। मई 2025 के बाद एक बार ही टेंडर प्रक्रिया निरस्त की गई है। दोबारा टेंडर जारी किया गया है। पूर्व में जो भी अनियमितताएं हुई हैं, उनमें कार्रवाई हो चुकी है।
बरेली परिक्षेत्र के जीएम तकनीकी/नोडल अधिकारी आरबीएल शर्मा ने बताया कि बरेली परिक्षेत्र में बसों की मरम्मत को लेकर कई शिकायतें हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक से रिपोर्ट मांगी गई है। बसों की मरम्मत और बिलों के भुगतान में वित्तीय अनियमितता करने वालों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।