35 हजार लोगों को मिलेगी जाम से मुक्ति
महानगर से पीलीभीत बाइपास की तरफ जाने वाले ट्रैफिक के कारण सेटेलाइट बस अड्डे पर जाम रहता है। यहां करीब 200 मीटर तक रास्ता पार करने में आधा घंटा लग जाता है। करीब 35 हजार लोग रोजाना परेशान होते हैं। ईंधन भी फालतू में खर्च होता है और वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। इसके अलावा बस अड्डे से लखनऊ की ओर जाने वाली बसें रोडवेज अड्डे के तिराहे पर पुलिस चौकी के आगे पीलीभीत बाइपास से घूमकर निकलती हैं। वाईशेप फ्लाईओवर बनने से महानगर से पीलीभीत बाईपास की तरफ निकलने वाला ट्रैफिक इसी पुल से होकर निकल सकेगा तो सेटेलाइट बस अड्डे पर उसे जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।
सुभाषनगर अंडरपास...लंबा इंतजार खत्म होने के आसार
सुभाषनगर अंडरपास के लिए दस साल से भी ज्यादा का इंतजार खत्म होने के आसार हैं। अगर कोई अड़चन नहीं आई तो 15 सितंबर से 15 अक्तूबर के बीच अंडरपास बनाने का शिलान्यास हो सकता है। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने शहर के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को इसी अवधि में शिलान्यास कराने की जानकारी दी है।
लोक निर्माण विभाग, रेलवे और प्रशासन के अधिकारियों ने मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के साथ पिछले दिनों निरीक्षण किया था। इसके बाद रेलवे ने 54 करोड़ रुपये का एस्टीमेट सौंपा। लोक निर्माण विभाग ने इसे कार्ययोजना में शामिल किया। रेलवे के मंडलीय अभियंता पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर राज्य सरकार बजट देती ही तो वह निर्माण कराएंगे, लेकिन बजट को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई। इसीलिए कैंट क्षेत्र के विधायक संजीव अग्रवाल ने बुधवार को मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया। अब जल्दी बजट जारी होने की उम्मीद की जा रही है।