बरेली। जानलेवा हमले में घायल सर्राफा कारोबारी राजेंद्र रस्तोगी के पुत्र सिद्धार्थ रस्तोगी की शनिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। सिद्धार्थ की मौत की खबर सुनकर परिवार की महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान एक प्रेस फोटोग्राफर से भी बदतमीजी उसकी अंगुली चबा डाली। हंगामे की सूचना पर पुलिस बल मिशन अस्पताल पहुंच गया।
मंगलवार को बिहारीपुर ढाल निवासी हनी यादव, उसके साथी अन्नू यादव और सानू उपाध्याय ने घर से बुलाकर मोहल्ला ख्वाजा कुतुब निवासी राजेंद्र रस्तोगी के 21 वर्षीय बेटे सिद्धार्थ के सीने में गोली मार दी थी। मिशन अस्पताल के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर सिद्धार्थ के फेफड़ों में फंसी गोली निकालकर उसकी जान बचाने की कोशिश की थी, लेकिन शनिवार शाम चार बजे सिद्धार्थ ने दम तोड़ दिया। जानकारी पर परिवार के तमाम लोग महिलाओं के साथ मिशन अस्पताल पहुंच गए और पुलिस पर हमलावरों से मिलने होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मोर्चरी से शव नहीं उठने दिया। पुलिस से नोकझोंक के दौरान फोटो खींच रहे एक प्रेस फोटोग्राफर से बदतमीजी करते हुए एक महिला ने उनकी अंगुली चबा डाली। इससे मामला और तूल पकड़ गया। इसके बाद काफी संख्या में पुलिस फोर्स भी अस्पताल पहुंच गई। देर शाम तक हंगामा चलता रहा। कोतवाल सुधीरपाल धामा ने सभी को समझा-बुझाकर शांत किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर, फोटोग्राफर ने कोतवाली पहुंचकर महिला के खिलाफ तहरीर दी है।