बरेली। कोतवाली इलाके के मोहल्ला ख्वाजा कुतुब के रहने वाले सर्राफ राजेंद्र रस्तोगी के बेटे सिद्धार्थ रस्तोगी को घर से बुलाकर बिहारीपुर ढाल के हनी यादव ने अपने दोस्त के साथ मिलकर सीने में गोली मार दी। दुश्मनी की वजह एक महीने पहले का विवाद बताया जा रहा है। घायल को जिला अस्पताल से रिफर कराकर मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक सिद्धार्थ के फेफड़ों में गोली फंसी है।
मोहल्ला ख्वाजा कुतुब निवासी राजेंद्र रस्तोगी की गली नवाबान में संत ज्वैलर्स के नाम से सर्राफा की दुकान है। राजेंद्र का 21 वर्षीय बेटा सिद्धार्थ बरेली कॉलेज में बीकाम की पढ़ाई कर रहा है। पड़ोस का मोहल्ला होने की वजह से उसका बिहारीपुर ढाल निवासी हनी यादव और उसके साथी अन्नू और सोनू से मिलना-जुलना हो गया था। सर्राफ राजेंद्र रस्तोगी ने बताया कि एक महीने पहले हनी यादव और उसके साथियों से सिद्धार्थ का विवाद हो गया था। हनी और उसके साथी सिद्धार्थ से अपने साथ बैठकर शराब पीने की जिद करते थे। इसी बात को लेकर हनी उनके बेटे से रंजिश रखने लगा था। मंगलवार की शाम 4.30 बजे हनी यादव, अन्नू और सानू उपाध्यक्ष तीनों उसके घर आ गए। उनका बेटा सिद्धार्थ बेटी प्रिंसी रस्तोगी के साथ घर में बैठा था। हनी ने फोन करके सिद्धार्थ को घर से बाहर बुला लिया और सीने में तमंचे से गोली मार दी। गोली सिद्धार्थ के सीने में लगी और चीखता हुआ घर में भागा। प्रिंसी और पिता सिद्धार्थ को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां से मिशन अस्पताल ले गए। सीओ सिटी मुकुल द्विवेदी ने बताया कि फिलहाल तो सिद्धार्थ रस्तोगी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि उसेके फेफड़ों के बीच में 315 बोर की गोली फंसी है। उसे आपरेशन करके निकालने की कोशिश की जा रही है। मामले में पिता की तरफ से हनी यादव और उसके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
हनी यादव दो मामलों में वांटेड है
बरेली। सर्राफ के बेटे सिद्धार्थ रस्तोगी के सीने में गोली मारने वाले बिहारीपुर काहनी यादव का नाम एटीएम बदलकर लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाने वाले गैंग में भी आया था। पुलिस को उसकी तलाश थी, लेकिन पकड़ में नहीं आया। विवेचना कर रहे तत्कालीन बिहारीपुर चौकी इंचार्ज धमेंद्र रस्तोगी ने हनी यादव के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसके अलावा हनी यादव लड़की को लेकर हुए विवाद में छात्र नेता रविगोला पर जानलेवा हमला करने के आरोप में भी नामजद हुआ था। उस मामले में भी पुलिस को हनी यादव की तलाश है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हनी यादव का बड़ा भाई अंकित यादव कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। सबसे बड़े भाई का कई साल से पता नहीं लग रहा है।
पहले ही जताया जान को खतरा
इसी महीने की बारह तारीख को सिद्धार्थ ने कोतवाली में तहरीर देकर हनी यादव, सानू उपाध्यक्ष और अन्नू यादव के खिलाफ एनसीआरे लिखाकर अपनी जान को खतरा बताया था, लेकिन पुलिस ने उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं थी। पहेल ही मुकदमे में पुलिस हनी और उसके साथियों को नहीं पकड़ पाई तो अब उन्हें कौन पकड़ पाएगा।
एटीएम से चूना लगाने वालों में भी था शामिल
बिहारीपुर इलाके में जुए को लेकर विवाद होने पर पकड़े गए हनी यादव के साथी सोभित सिंघल से 28 एटीएम कार्ड बरामद हुए थे। इस मामले में हनी यादव, सानू उपाध्यक्ष का नाम भी आया था। इस मामले में भी हनी को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ पाई थी।
यह भी सिद्धार्थ से नाराजगी
पुलिस के मुताबिक सिद्धार्थ भी हनी यादव के अक्सर साथ देखा जाता था, लेकिन मार्च में बरेली कॉलेज के छात्र नेता रवि गोला पर जान लेवा हमले के मामले में भी सिद्धार्थ बच गया था। हालांकि उसका नाम भी लिया जा रहा था। इससे पहले जुए के विवाद में भी उसका नाम नहीं आया था।