रविवार को हुई बीस मिनट की बरसात में ही बिगड़ गए संजयनगर के हालात
बरेली। तीन साल में छह करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी नगर निगम संजयनगर क्षेत्र में जलभराव से निजात नहीं दिला सका। हालात ये हैं कि रविवार को बीस मिनट की बारिश में ही यहां का मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो गया, गलियां और तमाम घरों में भी जलभराव हो गया।
संजयनगर में मुख्य मार्ग को पिछले दिनों सीसी रोड में तब्दील करने का काम शुरू हुआ लेकिन ठेकेदार का भुगतान अटकने के कारण लॉकडाउन से पहले ही यह काम रुक गया। इस वजह से मुख्य मार्ग पर चार फुट से ज्यादा पानी भरा हुआ है। बीच-बीच में कंक्रीट का मलबा पड़ा है, जिसमें फंसकर लोग वाहन समेत गिर जाते हैं या फिर उनके वाहन बंद हो जाते हैं। पिछले साल नगर निगम ने यहां पुराने नाले को तोड़कर 200 मीटर नया नाला बनाया, दावा किया गया कि चौड़ा नाला बनने से जलभराव खत्म होगा। मगर इसके बावजूद लोगों के घरों में पानी घुसने का सिलसिला नहीं रुका। तालाब बने मुख्य मार्ग के आसपास की निचली गलियां भी तालाब बनी हुई हैं और सफाई न होने से नाले भी ओवरफ्लो हो रहे हैं।
रामपुर बाग और स्टेडियम रोड पर भी भरा पानी
नाला सफाई न होने के चलते रामपुर बाग में प्रभा सिनेमा के सामने वाली सड़क पर रविवार को भी जलभराव नजर आया। शनिवार की बारिश का कुछ पानी कम हुआ तो रविवार को दोबारा बारिश हो गई। इसी तरह स्टेडियम रोड पर हजियापुर के पास और स्टेडियम के सामने भी सड़क पर पानी भरा नजर आया।
संपवेल बना लेकिन शुरू नहीं हो सका
संजयनगर में ही रहने वाले ब्रह्मपुरा के पार्षद वीरेंद्र पटेल उर्फ बबलू बताते हैं कि संजयनगर में जलभराव रोकने के लिए नगर निगम ने हजियापुर में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से संपवेल बनवाया। अफसरों को इसे समय पर शुरू कराने के लिए कहा गया लेकिन ये अब भी नहीं चल सका है। 2.42 करोड़ रुपये की लागत से दो टुकड़ों में सीसी सड़क बनाने का प्रस्ताव पास हुआ लेकिन ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ तो सड़क अधर में लटक गई। इसमें से 1.03 करोड़ से बनने वाले एक हिस्से का काम अभी शुरू भी नहीं हुआ है। इसके कारण ही मुख्य मार्ग पर तालाब बन गया है और लोग उसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। करीब 48 लाख रुपये की लागत से 200 मीटर लंबा नाला भी बना लेकिन ओवरफ्लो होने का सिलसिला फिर भी नहीं रुका। एक करोड़ की लागत से करीब दर्जन भर गलियां ऊंची की गईं लेकिन कई गलियां अब भी बहुत नीची हैं, जिसके कारण उनमें पानी भरा हुआ है।
- संपवेल : 4 करोड़
- गली निर्माण : 1 करोड़
- सड़क निर्माण : 1.39 करोड़
- प्रस्तावित सड़क : 1.03 करोड़
- नाला निर्माण : 48 लाख
शनिवार की बारिश में घर में पानी भर गया था, जो अब तक नहीं निकल सका है। नाले का पानी बैक होकर घर में पहुंच रहा है। - अनुराग शर्मा
मैं गली नंबर तीन में रहता हूं, शनिवार से ही वहां पानी भरा हुआ है। थोड़ी बारिश होने पर ही पानी घर के अंदर तक पहुंच जाता है। - शिवम शुक्ला
संजयनगर की सड़क तो तालाब बन गई है। सड़क के बीच में गड्ढा होने के कारण दिन भर यहां से गुजरने वाले लोग गिरते रहते हैं। - अंकित गुप्ता
मैं संजयनगर में होली चौराहा के पास रहता हूं। थोड़ी देर बरसात होने पर ही यहां मुख्य मार्ग और कई गलियों में जलभराव हो जाता है। - भूपेंद्र सिंह
लॉकडाउन से पहले ही सड़क निर्माण रोक दिया गया और बीच में मलबा पड़ा है। इसमें कई फुट पानी भर गया है और लोग गिर रहे हैं।- सचिन कुमार
अधूरी सड़क के कारण यहां ज्यादा दिक्कत है। यहां पानी भरने से मुख्य मार्ग तालाब बन गया है और दिन भर वाहन यहां फंसते रहते हैं। - रामू
संजयनगर में पहले कई घंटे तक जलभराव की समस्या रहती थी जो अब बारिश के बाद ही पानी उतरना शुरू हो जाता है। संपवेल का काम चल रहा है, जैसे ही पूरा होगा यह समस्या दूर हो जाएगी। अभी वहां सड़क निर्माण कार्य भी जारी है। - अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त