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Bareilly News: लोकसभा में गूंजा बरेली के पेंशन घोटाले का मामला, सपा सांसद नीरज मौर्य ने उठाया मुद्दा

Wed, 04 Feb 2026 01:47 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली जिले में विधवा और वृद्धावस्था पेंशन में हुए करीब 1.23 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला आंवला सांसद नीरज मौर्य ने लोकसभा में उठाया। उन्होंने सवाल पूछा कि देश भर में ऐसे कितने मामले सामने आए हैं और इस तरह के मामले रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था बनाई जा रही है। 
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सपा सांसद नीरज मौर्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आंवला के सपा सांसद नीरज मौर्य ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा में पूछे गए उनके सवाल से पेंशन योजनाओं में बड़े फर्जीवाड़े की परतें खुल गई हैं। उन्होंने पूछा था कि क्या बरेली और आंवला क्षेत्र में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर जीवित लोगों को मृत दिखाते हुए विधवा और वृद्धावस्था पेंशन में करीब 1.23 करोड़ रुपये के गबन की जानकारी सरकार को है। देश भर में ऐसे कितने मामले सामने आए हैं और भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था बनाई जा रही है?

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सपा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने लिखित उत्तर में यह तो स्वीकार किया कि विधवा पेंशन योजना के तहत 51 फर्जी मामले पकड़े गए हैं। इनमें 18.02 लाख रुपये की पेंशन राशि वितरित की गई। सरकार ने यह भी बताया कि इन मामलों में पेंशन रोक दी गई है और वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मगर, 1.23 करोड़ रुपये के आरोप पर केंद्र सरकार ने सीधे जवाब देने के बजाय आंकड़ा घटाकर पेश किया।

इससे पूरे मामले की गंभीरता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह भी नहीं बताया कि पिछले पांच वर्षों में देश भर में फर्जी पेंशन से संबंधित कुल कितने मामले पकड़े गए। कितनी धनराशि की रिकवरी हुई और दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई। 

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गोवंश संरक्षण आयोग गठित करने की मांग की
आंवला से सपा सांसद नीरज मौर्य ने केंद्र सरकार से गोवंश संरक्षण आयोग गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आयोग के माध्यम से किसानों की एक बड़ी समस्या का समाधान हो सकेगा। सपा सांसद ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र आंवला सहित देश भर में गोवंश सड़कों पर परेशान हो रहा है। जहां गोवंश संरक्षण केंद्र बनाए गए हैं वहां गाय भूखों तड़पकर मर रही हैं। इसे लेकर हमारे अन्नदाता किसान दुखी और परेशान हैं। अभी हाल ही में आंवला क्षेत्र में गोशाला के अंदर भूख व बीमारी के कारण 25 गाय मर गईं, जो दुखद है। इसलिए सरकार से मांग है कि देश में एक गोवंश संरक्षण आयोग बनाया जाए, जो इस समस्या का निवारण करे। 
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