जब उन्होंने विरोध किया तो दोनों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालीगलौज की। वीरेंद्र को लात-घूसों व राइफल की बट से पीटा। तहसील में मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मामला सुर्खियों में आया तो थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने पीड़ित वीरेंद्र की तहरीर पर एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर दोनों आरोपियों का शांतिभंग में चालान दिया। एसडीएम कोर्ट से आरोपियों को जमानत मिल गई।
एसपी इंटेलीजेंस ने चौकीदार से ली जानकारी
इस मामले में इंटेलीजेंस के एसपी बृहस्पतिवार को नवाबगंज पहुंचे। लोगों से घटना की जानकारी ली। पीड़ित चौकीदार से भी पूछताछ की। एसपी इंटेलीजेंस ने कोतवाल राजकुमार शर्मा से मिलकर अब तक की गई कार्रवाई के बारे में पूछा और साक्ष्य जुटाए। इससे पहले बुधवार रात एसडीएम गोविंद मौर्य के साथ एडीएम प्रशासन दिनेश कोतवाली पहुंचे थे।
उन्होंने आरोपी होमगार्डों के साथ ही पीड़ित चौकीदार को थाने बुलाकर उसके बयान दर्ज किए। चौकीदार को रात में थाने में ही रखा। उसे अकेले घर नहीं जाने दिया। सुबह होने पर उसे थाने से छोड़ा गया।