पार्षदों ने बताया कि इससे पहले तीन अगस्त को भी ज्ञापन दिया गया था लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इसलिए दोबारा नगर निगम कार्यालय में आना पड़ा। पार्षदों की नारेबाजी का शोर शराबा सुनकर नगर निगम के मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने धरनास्थल पहुंचे। पार्षदों की समस्याएं सुनीं और कहा कि अटके हुए काम कराए जाएंगे।
पार्षदों की बात
वार्ड 62 के पार्षद अनीस सकलैनी ने कहा कि मुझे पार्षद बने सवा साल हो गए। तीस लाख रुपये का काम प्रत्येक वार्ड में कराए जाने का निर्णय हुआ था पर मेरे वार्ड में एक ईंट नहीं लगी है।
वार्ड 70 के पार्षद मोहम्मद सलमान ने कहा कि छह महीने से यही कहा जा रहा है कि एस्टीमेट बनाए जाने हैं और काम लगने वाले हैं। पता लगता है कि टेंडर तक नहीं पड़े। कभी कहते हैं कि फाइनेंशियल बिड नहीं खुले, कभी कहते हैं कि टेक्नीकल बिड नहीं खुलते। इसलिए काम अटके हुए हैं।
वार्ड 79 के पार्षद इरशाद अंसारी ने कहा कि मेरे वार्ड में छप्पर वाली मस्जिद वाली गली है। नाली टूट गई है। डोर टू डोर की गाड़ी गली तक नहीं पहुंच पाती, जब फोन करते हैं तो जेई कहते हैं कि कभी सीमेंट न होने के बहाना है तो कभी बजरी न होने की बात कही जाती है।