बरेली। जिला पंचायत अध्यक्ष के मतदान से एक दिन पहले सपा खेमे में उत्साह का माहौल रहा। सपा के ज्यादातर नेता पीलीभीत बाईपास स्थित एक फार्म में बुधवार की सुबह से देर रात तक जमे रहे। कल तक जो वोटर सपा के नहीं गिने जा रहे थे, वे भी फार्म हाउस पहुंच गए या फिर उन्होंने अपना संदेश पहुंचाया। कोशिश होती रही कि वोट मुफ्त में न चला जाए। सभी अपना वोट कैश कराने में जुटे रहे। पता चला कि प्रत्याशी की उदासीनता के बावजूद बड़े नेताओं के कहने पर कुछ ने औने पौने में वोट बेच भी दिए। मिजाज भांपते हुए बसपा नेताओं ने दाम लगाने से हाथ खींच लिए और सबको अंतरात्मा की आवाज सुनने की नसीहत देकर जाने दिया।
दो दिन पहले तक वोटर इंतजार कर रहे थे कि उनकी ज्यादा खुशामद होगी और रेट भी बढ़ेंगे लेकिन सपा प्रत्याशी ने अपने जीत के लायक वोटरों का इंतजाम करके चुप्पी साध ली। इधर कल्पना सागर के पर्चा वापस लेने के बाद मंगलवार की देर रात सपा नेताओं ने हिसाब कर लिया था। यह भनक बाकी के वोटरों को हुई तो वे भी बुधवार को आखिरी वक्त में वोट का सौदा करने के प्रयास करने लगे। उनमें से कुछ को सपा ने कुछ न कुछ देकर अपनी ओर कर लिया है।
दूसरी ओर सपा प्रत्याशी के बाहर भेजे गए वोटरों को हरिद्वार, नैनीताल, वैष्णो देवी और कलियर शरीफ घुमाने के बाद बुधवार की शाम को बरेली के होटलों में ठहरा दिया गया है। सभी वोटर फार्म हाउस में देर रात तक चली पार्टी में रहे। यह भी समझया गया कि उनको किस तरह से वोट देना है।
‘गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बसपा पूरे साहस से जुटी हुई है। सपा सत्ता का दुरुपयोग करके वोटरों को खरीद रही है। हमारे वोटरों को भी डराया धमकाया गया है। खरीद फरोख्त भी की गई है, ऐसे में आत्मा की आवाज पर सदस्यों को वोट देने का आह्वान किया है।’ ब्रह्म स्वरूप जोनल कोआर्डिनेटर, बसपा
‘पहले से ही सपा के 42 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। भाजपा के अपने सदस्यों को अंतरात्मा की अवाज पर वोट देने को कहा गया है। बसपा के पास कितने सदस्य है, यह गुरुवार को अध्यक्ष के चुनाव में साफ हो जाएगा।’ वीरपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
‘ सपा ने सत्ता का दुरुपयोग कर भाजपा की प्रत्याशी को खड़ा नहीं होने दिया। नामांकन के दौरान एन वक्त पर इस तरह का हथकंडा अपनाकर लोकतंत्र के साथ विश्वासघात किया है। इस कारण हमारे वोट भी स्वतंत्र हो गए।’ धर्मपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा