बरेली। नगर निगम प्रशासन ने टैक्स वसूली में लापरवाही और जनता की शिकायतों के निराकरण में देरी को गंभीरता से लेते हुए कर विभाग के आठ लिपिकों का वेतन रोक दिया है। 14 कर निरीक्षकों, राजस्व निरीक्षक और कर संग्राहकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में कर वसूली और जनता की शिकायतों के निस्तारण जैसे मुद्दे उठे थे। नागरिकों की कई शिकायतें लंबित होने को लेकर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई थी।
इसके बाद मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ निलंबन सहित अन्य कार्रवाई की जा सकती है। कर वसूली बढ़ाने और शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
लापरवाह कर्मियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद निगम के अन्य विभागों में भी हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रदर्शन के आधार पर और सख्त फैसले लिए जा सकते हैं।