बरेली। बुजुर्ग महिला के इलाज में लापरवाही और उसे ठेले से घर जाने के मामले की जांच में दायित्व निर्वहन में बेपरवाही, डॉक्टर या सक्षम अधिकारी को प्रकरण की सूचना न देने की पुष्टि हुई है। एडी हेल्थ की संस्तुति पर गार्ड को हटा दिया गया है। सीसीफुटेज सुरक्षित किया गया है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आदेश पर एडी हेल्थ डॉ. तेजपाल सोमवार को मामले की जांच के लिए पहुंचे। नौ मई को इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का रिकॉर्ड देखा। तीन महिलाओं की उम्र 50 से अधिक थी। एक महिला भर्ती मिली। एक अन्य महिला हीराकली ने इलाज पर संतोष जताया और ई-रिक्शा से जाने की बात कही। कटरा चांद खां की 52 वर्षीय अरिहर देवी का भर्ती रजिस्टर पर फोन नंबर दर्ज नहीं था। सीसी फुटेज देखने पर पता चला कि वह नौ मई को सुबह 11 बजे पति के साथ आई थी।
एडी हेल्थ ने बताया कि भर्ती रजिस्टर के अनुसार महिला को ईएमओ डॉ. गजेंद्र ने देखा। पीठ में दर्द, गैस्टि्रक के लक्षण पर दवा, इंजेक्शन देकर भर्ती किया। शाम पांच बजे महिला का पति उसे साथ लेकर बाहर निकला और अपने साधन से उसे ले गया।
अस्पताल से जाने की सूचना देना जरूरी
एडी हेल्थ के मुताबिक, वार्ड में भर्ती मरीज को अगर ले जाना है तो इसकी सूचना ईएमओ या मौजूद स्टाफ को देनी चाहिए थी। तीमारदार ने सूचना नहीं दी और स्वयं उपलब्ध साधन से लेकर गए। बाहर तैनात गार्ड ने भी न रोका, न समझाया, न ही सूचना दी। लिहाजा, कार्रवाई की संस्तुति की गई। डीएम स्तर से गठित टीम भी जांच कर रही है।
इमरजेंसी में फर्श पर लेटा मरीज, बर्न वार्ड में भर्ती
जिला अस्पताल की इमरजेंसी का सोमवार को एक और वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक झुलसा युवक जमीन पर लेटा दिखाई दे रहा है। एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित के मुताबिक, रेलवे यार्ड में करंट से झुलसा युवक भर्ती होने पहुंचा था। उसे स्ट्रेचर दिया गया, लेकिन गर्म होने से वह उस पर नहीं लेटा। फर्श पर लेट गया। डॉक्टर, स्टाफ ने उसे उठाया और इलाज के लिए अंदर रखे एक स्ट्रेचर से बर्न वार्ड में भर्ती कराया। इसमें कहीं कोई अनदेखी, लापरवाही नहीं हुई है।