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घटना के वक्त साक्षी का गनर भी था अजितेश के साथ, होगी कार्रवाई

Mon, 01 Jun 2020 01:25 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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आरोपियों को जेल ले जाती पुलिस। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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अजितेश और उसके दोस्त सपा नेता के सरेराह गुंडागर्दी करने का मामला
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आवास पर तैनात है सुरक्षा गारद, अजितेश के गनर को कोतवाली बुलाया गया

बरेली। सरेराह गुंडागर्दी करने के मामले में विधायक की बेटी साक्षी के पति अजितेश को उसके दोस्त सपा नेता वैभव गंगवार के साथ जेल भेजा गया है। घटना के दौरान अजितेश के साथ उसकी पत्नी को मिला गनर भी था। अजितेश के जेल जाने पर उसके गनर को कोतवाली में बुला लिया गया है, जबकि साक्षी के गनर पर कार्रवाई की तैयारी है।
हाईकोर्ट के आदेश पर साक्षी और अजितेश को एक-एक गनर सुरक्षा के लिए दिया गया है। इसके अलावा उनके घर पर गारद में एक हेड कांस्टेबल और तीन सिपाहियों की ड्यूटी रहती है। वीर सावरकर नगर के इस परिवार का विशिष्ट सुरक्षा की वजह से जलवा है। कॉलोनी वाले कई बार थाना पुलिस और अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं कि अजितेश अक्सर गनर और गारद का उपयोग रुतबा गांठने में करता है।
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सरेराह गुंडागर्दी करने की हालिया घटना की पीड़ित दीपांश माहेश्वरी ने खुद वीडियो बनाकर पुलिस को सौंप दी है। इसमें अजितेश और वैभव के साथ दो गनर भी दिख रहे हैं। इनमें एक गनर अजितेश का है, इसे आरआई और प्रेमनगर पुलिस की रिपोर्ट के बाद कोतवाली बुला लिया गया है, जबकि दूसरा गनर साक्षी का है। जो अब अजितेश के आवास पर साक्षी की सुरक्षा में है। कार में साक्षी के मौजूद न होने के बावजूद उसके गनर की मौजूदगी को लेकर जब सवाल उठे तो प्रेमनगर इंस्पेक्टर ने गनर की भूमिका को लेकर रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी है।

अजितेश ने इशारों में उठाए सवाल

थाने के लॉकअप में बंद अजितेश और वैभव की एक वीडियो वायरल हुई है। इसमें वैभव खामोश रहकर चेहरा बचाने की कोशिश कर रहा है, जबकि अजितेश अपने साथ अन्याय होने की बात कह रहा है। अजितेश इशारों में कह रहा है कि सब जानते हैं कि यह सब कौन करा रहा है। रिपोर्टर उससे जानना चाहता है कि आखिर वह किसी ओर इशारा कर रहा है तो वह नाम लेने से मना कर देता है। कहता है, पीड़ित की बनाई वीडियो देख लीजिए, सब साफ हो जाएगा कि क्या घटना हुई। इधर, थाने में अजितेश के परिवार ने रिपोर्ट में लूट की धारा पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब मोबाइल से वीडियो बनाकर पीड़ित ने वायरल की और इसके बाद मोबाइल पुलिस ने कब्जे में ले लिया तो मोबाइल लूट का मामला कैसे दर्ज कर लिया गया।
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