ट्रेन में अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ की ओर से ‘मेरी सहेली’ योजना के तहत टीम का गठन किया जाएगा। टीम ट्रेन में यात्रा करने वाली महिलाओं की कुशलक्षेम पूछेगी, अगर उन्हें कोई परेशानी है, तो उनकी मदद की जाएगी।
कई बार महिलाओं को अकेले रेल यात्रा करनी पड़ती है। उनके साथ में परिवार का कोई सदस्य न होने से रास्ते में अनहोनी का डर बना रहता है। लेकिन अब रेल यात्रा करने वाली महिलाओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उनकी हर परेशानी का हल आरपीएफ द्वारा निकाल लिया है।
शाहजहांपुर स्टेशन पर जल्द ही एक ऐसी टीम का गठन किया जाएगा, जिसमें आरपीएफ की महिला सिपाही शामिल होंगी। टीम अकेले रेल यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए परेशानी और संभावित खतरों के प्रति आगाह करेगी। सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी भी देगी। इस टीम का गठन मेरी सहेली योजना के तहत किया जाएगा और इसमें शामिल महिला पुलिस सहेली के रूप में जानी जाएगी।
हर स्टेशन पर लिया जाएगा हालचाल
ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से लेकर गंतव्य पर पहुंचने तक जिस भी स्टेशन पर ट्रेन रुकेगी, वहां आरपीएफ महिला सिपाहियों की टीम अकेले सफर कर रही महिला यात्रियों से संपर्क कर कुशलक्षेम पूछेगी। अकेले सफर करने वाली महिलाओं की सूची रेलवे हेडक्वार्टर से ही आरपीएफ को जारी होगी।
यह प्रक्रिया कड़ी की तरह शुरू होगी, ताकि महिलाओं को यात्रा के दौरान सुरक्षा का एहसास हो। एक ट्रेन को अटेंड करने के बाद इसका पूरा मेसेज बनाकर कंट्रोल रूम को भेजा जाएगा।
पोस्ट कमांडर के नेतृत्व में बनेगी चार सदस्यीय महिला टीम
आरपीएफ के कंपनी कमांडर एसडी मीणा ने बताया कि अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं व युवतियों की सहायता के लिए चार सदस्यीय महिला टीम का गठन होगा। जोकि पोस्ट कमांडर के नेतृत्व में काम करेगी।
टीम 24 घंटे मुस्तैद रहेगी और ट्रेन के स्टेशन पर आने पर उसमें अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं से कुशलक्षेम पूछने के साथ ही किसी तरह की समस्या होने पर उसका समाधान भी कराएगी।