पहले ट्रॉली तुलाने के लिए आपस में भिड़े, मिल कर्मचारी को कुचलने की कोशिश
बहेड़ी। गन्ना विभाग ने पर्चियों का इंडेंट एक साथ जारी कर दिया है, जिस वजह से केसर चीनी मिल में कई किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई है।
बृहस्पतिवार शाम पहले ट्रॉली तुलवाने को लेकर दो किसानों में बहस हो गई, जिसमें एक किसान का ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गया। दूसरे किसान ने मिल का बैरियर तोड़ दिया। बैरियर के सहारे मिल के कंप्यूटर आदि उपकरणों की केबिल जा रही थी, वह भी उखड़ गई, जिससे पूरा सिस्टम ठप हो गया। मिल कर्मचारी डीपी मलिक वहां पहुंचे तो एक किसान ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर उनके ऊपर तेज रफ्तार से आने लगा। भागकर उन्होंने अपनी जान बचाई। मिल कर्मचारियों और किसानों में इसको लेकर झगड़ा होने लगा। सूचना पर चौकी इंचार्ज अरुण कुमार व एसएसआई वेद प्रकाश गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को शांत कर मिल के अधिकारियों से वार्ता की। मौके से हंगामा करने वाले किसानों की चार ट्रॉलियां पुलिस थाने ले आई। मिल की ओर से हंगामा करने वाले किसानों के खिलाफ तहरीर दी गई है। मिल के बंद होने से करीब आठ लाख रुपये का नुकसान होने की बात मिल प्रबंधन ने कही है।
पहले ट्राली तुलाने के फेर में मिल के बैरियर को ही तोड़ दिया। मिल कर्मचारी को कुचलने की कोशिश की। हंगामा, तोड़फोड़ करने वाले किसानों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है।
- शरत मिश्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष केसर चीनी मिल
किसी को गुंडई नहीं करने दी जाएगी। किसानों के लिए जब लाइनें बनी हैं तो नियम के अनुसार लाइन से ही गन्ना तुलवाना चाहिए। मिल प्रबंधन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। - रामानंद राय, सीओ बहेड़ी