विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की नेता साध्वी प्राची ने रविवार को बरेली सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान गरबा-डांडिया और रामलीला आयोजन में मांसाहारी लोगों के प्रवेश पर नाराजगी जताई। खासतौर से बीफ (संरक्षित पशु का मांस खाने वालों) पर उन्होंने टिप्पणी की है। आरोप लगाया कि नवरात्र के कार्यक्रमों में इस तरह का मांस खाने वाले लोग फर्जी आधार कार्ड लेकर गरबा और डांडिया तक घुसपैठ कर रहे हैं। सही मायने में इनका इरादा हिंदू बेटियों को फंसाना होता है।
उन्होंने बजरंग दल द्वारा गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगाई जा रही रोक का समर्थन किया। चुनाव आयोग की कार्रवाई पर विपक्ष के विरोध के सवाल पर साध्वी ने कहा कि असल में विपक्ष के 'रिश्तेदारों' बांग्लादेशियों का वोट बैंक कट गया है, जिससे उनके पेट में मरोड़ उठ रही है।
साध्वी बोलीं- सभी के पूर्वज हिंदू थे
साध्वी प्राची ने दूसरे समुदाय के लोगों का आह्वान किया कि आप छलिया मत बनिए, अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लाएं और घर वापसी करें। उन्होंने धर्मांतरित हिंदुओं को 'घर वापसी' का निमंत्रण दिया। कहा कि हिंदू धर्म उनका स्वागत करता है। हम सभी के पूर्वज हिंदू ही थे। एसआईआर पर विपक्ष के हमलों पर प्राची ने तंज कसा। उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी बताया।
प्राची ने कहा कि विपक्ष के रिश्तेदारों का वोट बैंक कटा, इसलिए वह परेशान हैं। प्राची ने कहा कि विपक्ष तब तक नए बहाने तलाशता रहेगा जब तक उसे सत्ता नहीं मिलेगी। उन्होंने 180 यात्रियों की जान बचाने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सराहना की और विपक्ष पर उनकी प्रशंसा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और अजीत डोभाल के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।