जीआरपी सिटी ने स्टेशन पर कार खड़ी करने के बाद उसके मालिक के बारे में तफ्तीश की तो पार्किंग स्टैंड वालों ने गोलमोल बातें करके उलझा दिया। जीआरपी दरोगा उस्मान अली ने सीटीटीवी फुटेज से कार को खड़ी करने आने वालों का हुलिया और पता लगाने की कोशिश की। पता लगा कि न तो स्टैंड और न ही आसपास कोई कैमरा लगा है। ऐसे में जांच उलझ गई है।
बसपा नेता बोले- सदाकत से लेनादेना नहीं
सदाकत के व्हाट्सएप प्रोफाइल से लेकर फेसबुक अकाउंट तक बसपा से मेयर का चुनाव लड़ चुके मोहम्मद यूसुफ के साथ उसके फोटो हैं। अजमेर शरीफ दरगाह पर हाजिरी लगाने गए यूसुफ का इस बारे में कहना है कि उनकी पार्टी ने 80 लोगों को पार्षद का टिकट दिया था।
टिकट देते समय केवल प्रत्याशी का बायोडाटा ही सामने होता है, उसके व्यक्तिगत जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। उस वक्त प्रत्याशी रहा सदाकत अगर गलत धंधों में शामिल है तो इसके लिए बसपा और वह जिम्मेदार नहीं हैं।