चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी सचिन सेंगर उर्फ सोनू की बुधवार शाम 6:50 बजे जेल से रिहाई हो गई। सीजेएम कोर्ट से उसकी रिहाई का परवाना शाम 4:30 बजे जिला कारागार भेजा गया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे देर शाम रिहा कर दिया गया। इस मामले में आरोपी छात्रा और विक्रम पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं। जेल में बंद संजय सिंह की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दो जनवरी को बहस हो सकती है।
गाजियाबाद के 301 रीजेंट ब्लॉक सुपरटेक स्टेट सेक्टर-9 कौशांबी निवासी सचिन सेंगर उर्फ सोनू को एसआईटी ने 20 सितंबर को थाना तिलहर क्षेत्र के गांव बंथरा निवासी संजय सिंह, विक्रम सिंह के साथ गिरफ्तार कर चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में जेल भेजा था।
एलएलएम की छात्रा को इसी आरोप में 25 सितंबर को जेल भेजा गया था। सीजेएम कोर्ट से सभी की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी।
हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद छात्रा 11 दिसंबर को जेल से रिहा हो गई थी, जबकि विक्रम को 22 दिसंबर को रिहा किया गया था। सचिन की जमानत लेने वाले गाजियाबाद के रहने वाले हैं, इसलिए जमानतदारों के प्रपत्र गाजियाबाद सत्यापित होने के लिए भेजे गए थे। शीतकालीन अवकाश के बाद बुधवार को कोर्ट खुलने पर सचिन के जमानतदारों के सत्यापित प्रपत्र सीजेएम कोर्ट में पेश किए गए।
सीजेएम कोर्ट ने रिहाई की मुहर लगाते हुए परवाना जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। कोर्ट से शाम करीब 4:30 बजे रिहाई परवाना जेल पहुंचा। शाम 6:50 बजे सचिन को जेल से रिहा कर दिया गया।
वहीं इसी प्रकरण में शामिल संजय की जमानत पर दो जनवरी को बहस हो सकती है। इसी प्रकरण से जुड़े छात्रा से दुष्कर्म मामले में चिन्मयानंद भी 20 सितंबर से जेल में बंद हैं और उनकी जमानत पर फैसला सुरक्षित है।