बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बड़े पाठ्यक्रमों की घोषणा के बावजूद अब तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तिथि निर्धारित नहीं हुई है। प्रवेश प्रक्रिया की सुस्ती के कारण छात्रों को निजी विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने पर मजबूर होना पड़ सकता है। यूपी और आईएसई बोर्ड के 12वीं के परिणाम जारी हो चुके हैं, जबकि निजी विश्वविद्यालयों ने प्रवेश में सक्रियता बढ़ा दी है।
विश्वविद्यालय समर्थ पोर्टल से प्रवेश प्रक्रिया संचालित करने वाला है, लेकिन इस मामले में उसका रवैया ढीला बताया जा रहा है। बरेली कॉलेज ने अपने सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण शुरू कर दिए हैं, जबकि विश्वविद्यालय अभी भी पीछे है। प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालय प्रवेश प्रक्रिया में आगे निकल चुके हैं। मेरठ का चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मई के पहले सप्ताह में ही स्नातक के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर चुका है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में भी ऑनलाइन पंजीकरण जारी है और मुरादाबाद के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में प्रवेश एक जून से शुरू होंगे। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय शाहजहांपुर भी जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहले से ही अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित रहा है, लेकिन यह चिंता प्रवेश बढ़ाने के प्रयासों में नहीं दिख रही है। विश्वविद्यालय निर्धारित शैक्षिक कैलेंडर से दो माह पीछे चल रहा है, जिससे सत्र भी देर से शुरू होने की आशंका है।
प्रवेश में देरी और छात्रों पर असर
प्रवेश प्रक्रिया में देरी से छात्रों को नुकसान हो सकता है। सीबीएसई 12वीं के परिणाम ही अब शेष हैं, ऐसे में अधिकांश छात्र निजी विश्वविद्यालयों की ओर रुख कर सकते हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक एसके पांडेय ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, लेकिन अभी कोई निश्चित तिथि तय नहीं है।
बरेली कॉलेज के कुछ पाठ्यक्रमों में पंजीकरण नहीं
बरेली कॉलेज के गृहविज्ञान और मनोविज्ञान जैसे सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण नहीं खोले गए हैं। प्रवेश नियंत्रक अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि ये पाठ्यक्रम स्नातक स्तर पर स्वतंत्र रूप से उपलब्ध नहीं हैं, बल्कि अतिरिक्त विषयों के साथ लिए जाते हैं। इसलिए इनके प्रवेश अभी शुरू नहीं किए गए हैं। हालांकि, एमए भूगोल के प्रवेश खोल दिए गए हैं।