बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण, भारतीय ज्ञान-परंपरा और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने दो बड़े फैसले लिए हैं। अब परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अतिथियों के स्वागत और सम्मान के लिए पारंपरिक बुके की जगह पुस्तक या पौधा भेंट किया जाएगा। इसके साथ ही रुहेलखंड विश्वविद्यालय को बोतलबंद पानी और प्लास्टिक के उपयोग से पूरी तरह मुक्त करने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने बताया कि स्वागत में दिया जाने वाला बुके कुछ ही समय में अनुपयोगी हो जाता है, जबकि पुस्तक ज्ञान का उपहार है और पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का संदेश देता है। विश्वविद्यालय परिसर को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के तहत सिंगल-यूज प्लास्टिक और बंद बोतल पानी के प्रयोग को हतोत्साहित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अब कार्यक्रमों के दौरान मंच पर बोतल बंद पानी के स्थान पर कांच या तांबे के गिलास और जग का इस्तेमाल किया जाएगा। कुलपति ने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे स्वच्छता, पौधारोपण और प्लास्टिक के न्यूनतम उपयोग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।