बरेली। जनता कर्फ्यू से पहले राशन खरीदने को लोग बाजार में उमड़ पड़े। सब्जी मंडी और दूसरे जरूरी सामान की खरीददारी भी जमकर की गई। इस बीच बाकी शहर में सन्नाटा पसरा रहा। श्यामगंज और फल मंडी चौराहा व दाल मंडी में जाम के हालात रहे। अमर उजाला टीम ने शनिवार दोपहर शहर के प्रमुख स्थानों का जायजा लिया तो अलग-अलग नजारे दिखे।
श्यामगंज मंडी की दुकानें खचाखच
श्यामगंज दाल मंडी में राशन की दुकानों पर खचाखच भीड़ थी। लोग ज्यादा से ज्यादा मात्रा में दाल, चावल, आटा, नमक जैसी जरूरी चीजें खरीद रहे थे। दुकानदारों को सामान देने, बिल बनाने से दुकानदारों को फुर्सत नहीं थी। लोग अपनी जरूरत से ज्यादा सामान खरीद रहे थे। पूछने पर उनका कहना था कि एहतियातन खाद्य सामग्री इकट्ठी की जा रही है। राशन घर में होगा तो बनाते खाते रहेंगे।
फल मंडी के पास लगा रहा जाम
श्यामगंज मंडी में लोगों की जरूरत से ज्यादा आवाजाही और इधर सीवर लाइन की वजह से आधा रोड बंद होने से जाम के हालात बने रहे। फल मंडी के पास पूरे दिन जाम की स्थिति रही। कई ई रिक्शा व टेंपो आड़े तिरछे निकले तो रोड बाधित रहा।
कुतुबखाना चौराहे पर सुनसान
आम दिनों में जाम की जद में रहने वाला कुतुबखाना चौराहा शनिवार को सुनसान पड़ा था। वहां गिनती के ही लोग और वाहन निकल रहे थे। इसीलिए ट्रैफिक पुलिस भी आराम से बूथ में बैठी थी। पुलिसकर्मी कह रहे थे कि कोरोना के डर की वजह से ट्रैफिक जाम की समस्या लगभग खत्म हो गई है।
बड़ा बाजार में दुकानों पर सन्नाटा
नवरात्र से पहले इन दिनों में बाजार में खरीददारी करने जबर्दस्त भीड़ उमड़ती थी। इस बार हालात उल्टे हैं। नवरात्र के पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहक नहीं फटक रहे हैं। बड़ा बाजार की कई दुकानों पर सन्नाटा था। दुकानदार बता रहे थे कि लोग खरीददारी करने नहीं आ रहे।
सैलानी में भी बंपर खरीददारी, जाम
सैलानी बाजार में शनिवार को लोगों की जबर्दस्त भीड़ उमड़ी। यहां लोगों ने जमकर खरीददारी की। घरेलू सामान के साथ ही मीरा की पैठ में सब्जी खरीदने वालों की संख्या भी आम दिनों से कहीं ज्यादा थी। रोजमर्रा की जरूरत वाले सामान को छोड़कर बाकी दुकानों पर ग्राहक नहीं जा रहे थे। दोपहर बाद यहां जाम लगा।
कुतुबखाना सब्जी मंडी में मारामारी
कोरोना के डर से कुतुबखाना सब्जी मंडी में भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से शाम तक लोग यहां सब्जी की खरीददारी करने उमड़े। सबसे ज्यादा खरीद आलू की हो रही थी। अलग-अलग किस्म के आलू के दाम 15 से 25 रुपये प्रति किलो तक थे। प्याज, गोभी, बैंगन, टमाटर जैसी सब्जियों की भी जमकर खरीददारी हुई। फल मंडी में भी रोज की अपेक्षा बूम दिखा।