बरेली। गोशालाओं में अनियमित तरीके से भूसा खरीदे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पशुपालन विभाग के निदेशक ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) से इस संबंध में जवाब तलब किया है। सीवीओ शुक्रवार को दिनभर जवाब तैयार करते रहे। वहीं, जिला स्तर पर डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने सभी बीडीओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
सीवीओ डॉ. मनमोहन पांडेय ने बताया कि कुछ बीडीओ ने व्हाट्सएप पर जवाब भेजे हैं। फरीदपुर बीडीओ और एक एनजीओ ने जवाब दिया है कि भूसे मेें मिट्टी आ रही थी। इसलिए नामित फर्म से खरीद नहीं की। एक बीडीओ ने कहा है कि उन्होंने फर्म से भूसा लेने के लिए 76 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, पर उसने आपूर्ति नहीं की। सीवीओ ने बताया कि टेंडर का मतलब यह नहीं है कि हम उससे ही भूसा खरीदने के लिए बाध्य हो गए हैं। यदि कहीं टेंडर वाले रेट से सस्ता भूसा मिल रहा है तो हम वहां से खरीद लेंगे, लेकिन इसके लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की अनुमति अनिवार्य है। हां, ये सही है कि बीडीओ ने सक्षम स्तर से अनुमति लिए बिना ही गोशालाओं में भूसा खरीदवाया है।
सीडीओ ने टेंडर की दर में 140 रुपये कराई थी कमी
तत्कालीन सीडीओ जग प्रवेश की अध्यक्षता में दो जनवरी 2025 को हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में बीडीओ ने टेंडर में भूसे की कीमत (990 रुपये प्रति क्विंटल) को महंगा बताया था। तब सीडीओ ने फर्म से प्रति क्विंटल रेट में 140 रुपये की कमी कराई थी। तय हुआ था कि 850 रुपये की दर पर फर्म से ही भूसा खरीदा जाएगा। यह भी तय हुआ था कि यदि भविष्य में स्थानीय बाजार में भूसे की दरों में वृद्धि होती है तो भी फर्म को ई-टेंडर में निर्धारित दर 990 रुपये प्रति क्विंटल पर ही भूसे की आपूर्ति करनी होगी।
बीडीओ बोले- जैसे अन्य ब्लॉकों ने खरीदा, वैसे हमने भी लिया भूसा
फरीदपुर के बीडीओ राम शंकर सिंह का कहना है कि टेंडर मूल्य अधिक था और बाजार में भूसा सस्ता था। बाजार से खरीदारी करने से पहले सक्षम स्तर से अनुमति लेनी जरूरी थी, पर जैसे अन्य ब्लॉकों ने बगैर अनुमति खरीद की, वैसे ही हमने भी खरीद लिया। दान का 600 क्विंटल भूसा सड़ गया था। ब्लॉक में नौ गोशालाएं हैं, पर व्यवस्थाओं का अभाव है। करतौली में वृहद गोशाला है। रामनगर ब्लाॅक के बीडीओ ओम प्रकाश का कहना है कि जहां तक उन्हें याद है कि टेंडर तो वृहद गोशालाओं में भूसा आपूर्ति के लिए हुआ था। ब्लॉक में 7-8 गोशालाएं हैं, जिन्हें खाटूश्याम नाम के एनजीओ को दे रखा है। तत्कालीन सीवीओ ने मौखिक कहा था कि टेंडर रेट महंगा है तो जहां सस्ता मिले, भूसा खरीद लो। भुता बीडीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि ब्लॉक में सात गोशालाएं हैं। शेखापुर की वृहद गोशाला एनजीओ के पास है। अन्य छह गोशालाओं ने नामित फर्म से भूसा खरीदा और भुगतान भी कर दिया है। संवाद
फाइल निकलवा रहे हैं, देख लें। जांच अधिकारी भी नामित होंगे। रिपोर्ट आने दीजिए। इस मामले में जो भी दोषी मिलेगा, उसकी जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करेंगे। - देवयानी, सीडीओ