रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में एलएलएम की छात्रा के साथ छेड़छाड़ किए जाने का मामला शासन तक पहुंच गया है। शासन ने बरेली पुलिस को निर्देश दिया है कि आरोपी छात्र अलंकार उपाध्याय को हर हालत में 48 घंटे में गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद पुलिस महकमा आरोपी छात्र की तलाश में जुट गया है। बुधवार को थाना बारादरी की पुलिस ने विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचकर आरोपी के बारे काफी देर तक छानबीन की।
बुधवार को विश्वविद्यालय पहुंची पुलिस ने घटना स्थल देखा, लाइब्रेरी के कर्मचारियों के भी बयान लिए। उसके बाद पुलिस ने विभाग के शिक्षकों के बयान लिए। छात्र के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस पीजी हास्टल पहुंची। आरोपी छात्र के दोस्तों, हास्टल के अन्य छात्रों और वार्डन से वार्ता की। अपने फेसबुक प्रोफाइल पर खुद को कासगंज ब्राह्मण महासभा का जिला प्रवक्ता बताने वाले छेड़छाड़ के आरोपी अलंकार उपाध्याय की तलाश में दो पुलिस टीमें बाहर भी भेजी गई हैं। एक टीम कासगंज और दूसरी टीम सोरों जहां उसकी ननिहाल है, उसे वहां तलाश कर रही है। हालांकि दोनों जगह आरोपी नहीं मिला। उसका मोबाइल नंबर भी बंद है। अब आरोपी छात्र के फेसबुक पेज पर भी नजर रखी जा रही ताकि अगर वह कोई अपडेट करे तो उसकी लोकेशन ली जा सके। हालांकि दो अक्तूबर के बाद आरोपी ने अपना फेसबुक एकाउंट अपडेट नहीं किया है। एसपी सिटी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि दो टीमें लगाई गई हैं। आरोपी की जल्द गिरफ्तारी होगी।
शासन में मामला पहुंचने के बाद विवि ने बदली जांच समिति
विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रा से छेड़छाड़ मामला हाई प्रोफाइल होता देख विश्वविद्यालय ने जांच समिति रिवाइज की है। पहले सिर्फ खानापूर्ति वाली समिति बनाई थी। अब विवि प्रशासन का गला न फंसे इसलिए शासनादेश के अनुसार नौ सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। पीठासीन अधिकारी महिला शिकायत सेल की अध्यक्ष प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता को बनाया गया है। सदस्य के रूप में दो शिक्षक लॉ डिपार्टमेंट के डॉ. अशोक और डॉ. अनीता त्यागी, दो नान टीचिंग के सुमन सिंह और मानव शुक्ला, एनजीओ के रूप में दिशा इंस्टीट्यूट की डॉ. रजनी अग्रवाल और तीन छात्र जिसमें एक स्नातक, एक परास्नातक व एक शोध छात्र शामिल है।
जांच समिति के सामने शुक्रवार को होंगे छात्रा के बयान
जांच समिति के सामने शुक्रवार को छात्रा के बयान दर्ज होंगे। छात्रा को इसकी सूचना दे दी गई है। वहीं पंजीकृत डाक से आरोपी छात्र को भी पत्र भेजा गया है और जांच में सहयोग करने को कहा गया है। समिति की पीठासीन अधिकारी प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने छात्रा से फोन से बात की। छात्रा ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगी।
दो छात्राओं का पहले भी कर चुका है शारीरिक शोषण
पुलिस पड़ताल में सामने आ रहीं चौंकाने वाली जानकारियां
बरेली।
पुलिस की पड़ताल में आरोपी छात्र के बारे में चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। आरोपी अलंकार उपाध्याय पिछले डेढ़ साल में दो अन्य छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर उनका शारीरिक शोषण कर चुका है। लेकिन वे डर की वजह से शिकायत नहीं कर पाईं। तीन अन्य छात्राओं के साथ छेड़छाड़ भी कर चुका है। एलएलएम की छात्रा को भी वह इसी तरह निशाना बनाना चाहता था पर शिकायत के बाद उसकी सारी पोल खुल गई।
सपा नेता कर चुका है पिटाई
विभाग के लोगों के अनुसार अलंकार ने एक छात्रा को फंसा लिया था जो एक सपा नेता की मंगेतर थी। जब उसको पता चला तो सपा नेता अपने कुछ साथियों के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे और उसको उठाकर डोहरा रोड ले गए। वहां पिटाई की और पिस्टल दिखाकर चेतावनी दी कि अगर फिर छात्रा के साथ दिखा तो अंजाम बुरा होगा। बताया जा रहा है कि उसके बाद वह तीसरी छात्रा को फंसाने में जुट गया।
हॉस्टल में करता था नशा
सहपाठियों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी छात्र अक्सर हास्टल में नशा करता था। हास्टल प्रशासन की तरफ से उसको कई बार चेतावनी भी दी गई। एक बार उसको हास्टल से बाहर भी निकाला जा रहा है, बाद में माफी मांगने पर उसको छोड़ा गया।
छात्रा ने दहशत में हास्टल छोड़ा
घटना के बाद छात्रा पूरी तरह से दहशत में है। छात्रा ने फोन पर माता पिता को सारी जानकारी दी थी जिसके बाद वह विश्वविद्यालय आए। छात्रा उनके साथ घर चली गई है। सूत्रों की माने तो छात्रा मामले पर ठोस कार्रवाई होने के बाद ही हास्टल लौटेगी।
विवि कैंपस में बढ़ी सुरक्षा
घटना सामने आने के बाद विवि प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना आईडी प्रूफ दिखाए अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। तीनों गेट पर सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड का मूवमेंट भी बढ़ा दिया गया है।
ठोस कार्रवाई न होने के कारण होती हैं ऐसी घटनाएं
विश्वविद्यालय में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं उसके बावजूद भी विवि प्रशासन ने सबक नहीं लिया। जांच समितियां बनी और जांच में ही मामला रफा दफा करा दिया गया। अगर उन घटनाओं को विवि प्रशासन संजीदगी से लेता तो शायद इस तरह की घटना नहीं होती। बरेली कॉलेज के लॉ विभाग के डॉ. प्रदीप कुमार कहते हैं विश्वविद्यालय में इस तरह की घटना होना विवि प्रशासन के रवैये को बयां करता है। पिछले चार पांच सालों में कई बार मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन को अब संजीदगी से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कदम उठाने चाहिए।