बरेली में नाबालिग बताई जा रही हिंदू लड़की के दूसरे समुदाय के युवक के अगवा करने के मामले में ज्ञापन देने आए हिंदू संगठनों के नेताओं से पुलिस अफसरों की नोकझोंक के बाद भीड़ ने थाना किला में तोड़फोड़ कर दी। जवाब में अफसरों के आदेश पर पुलिस ने भीड़ पर लाठियां चला दीं। इसमें कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। जबर्दस्त हंगामा करती भीड़ चार घंटे थाने में जमी रही।
हालात गंभीर होने के बाद इधर एडीजी, डीआईजी और एसएसपी समेत तमाम अधिकारी थाने पहुंच गए तो उधर शहर और बिथरी के विधायकों समेत मेयर भी आ गए। प्रथम दृष्ट्या पुलिस की गलती साबित होने पर इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर करने के साथ एक दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया। घायल कार्यकर्ताओं का मेडिकल कराकर एसपी देहात को जांच का आदेश दिया गया है।
लड़की के पिता ने उसे नाबालिग बताते हुए 17 अक्तूबर को थाना किला में बिलाल नाम के युवक समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि लड़की बिलाल के झांसे में आकर घर में रखे आठ लाख रुपये और जेवर भी ले गई है।
लड़की के परिवार के साथ हिंदू संगठन इसे लव जेहाद का मामला बताकर जल्द उसकी बरामदगी का दबाव बनाए हुए थे। मंगलवार दोपहर भाजपा महानगर अध्यक्ष केएम अरोरा, विहिप के विभाग संयोजक पवन अरोरा के साथ कई हिंदू संगठनों के लोग थाना किला पहुंचे।