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रबर फैक्टरी प्रकरणः सरकार की पैरवी रंग लाई, पहली ही तारीख पर कब्जे की मुसीबत टली

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रबर फैक्टरी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बॉम्बे हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, शासन के आदेश पर कमिश्नर ने पैरवी की बनाई तीन सदस्यीय कमेटी

बरेली। पिछले तीन वर्षों से रबर फैक्टरी की जमीन पर पुनर्प्रवेश और स्वामित्व की जद्दोजहद चल रही थी। पहली बार बॉम्बे हाईकोर्ट में शासन ने पक्षकार बनने की कवायद शुरू की। इसके तहत एक वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया और पहली ही तारीख में सफलता मिल गई है। हाईकोर्ट में सरकार के पक्षकार बनने से सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 23 फरवरी तय करते हुए कहा है कि अन्य पक्ष भी इसमें उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
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21 वर्षों से बंद पड़ी रबर फैक्टरी की जमीन पर इंडस्ट्रियल हब बनाने तो कभी मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग होती रही है, लेकिन सोया सिस्टम जागा नहीं, इसलिए बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण में सरकार पक्ष नहीं रख सकी। जब हाईकोर्ट ने 19 अक्तूबर 2020 को अलकेमिस्ट कंपनी को फैक्टरी की जमीन और संपत्ति सौंपने के आदेश रिसीवर को दिए तो खलबली मची। फैक्टरी की जमीन पर सरकारी कब्जा हो सके, इसके लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार लंबे समय से पैरवी कर रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय सिस्टम सक्रिय नहीं हुआ तब उन्होंने 17 दिसंबर को बरेली में हुए किसान सम्मेलन में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने यह मामला प्रमुखता से रखा। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सामने केंद्रीय मंत्री के साथ ही विधायक बहोरन लाल मौर्य व डीसी वर्मा ने शिकायत की कि तीन सितंबर को विशेष सचिव (अवस्थापना व औद्योगिक विकास) डॉ. मुथु कुमार सामी बी. को शासन ने नोडल अफसर नामित किया था लेकिन उन्होंने पैरवी करने में कोई दिलचस्पी नहीं ली। शिकायत पर मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री का रुख देखते हुए अब अफसरशाही भी सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को रबर फैक्टरी प्रकरण में प्रभावी पैरवी करने और जमीन पर पुनर्प्रवेश और स्वामित्व प्रक्रिया अपनाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री के तल्ख तेवर को देखते हुए शासन ने आनन फानन हाईकोर्ट में अधिवक्ता नामित करने और जिला प्रशासन से वस्तुस्थिति की रिपोर्ट मंगाई। साथ ही, विशेष सचिव न्याय विभाग आरके शुक्ला ने हाईकोर्ट में प्रकरण में प्रभावी पैरवी के लिए अधिवक्ता को नामित कर दिया। पांच जनवरी को हाईकोर्ट खुलने पर अधिवक्ता रमेश दुबे पाटिल ने सरकारी पक्ष रखने के लिए अर्जी दाखिल की। जिस पर हाईकोर्ट ने सकारात्मक संज्ञान लिया।

कमिश्नर ने नामित किए ये अफसर

कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने बॉम्बे हाईकोर्ट प्रभावी पैरवी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक संतोष कुमार, संयुक्त आयुक्त (उद्योग) आरआर गोयल और मीरगंज के तहसीलदार अरविंद तिवारी नामित किए हैं। ये तीनों अफसर मुंबई जाकर पैरवी करेंगे। बताया जाता है कि जल्द ही तीनों अधिकारी मुंबई रवाना होंगे।

औद्योगिक व शैक्षिक गतिविधियों की मांग

केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार रबर फैक्टरी की जमीन को राज्य सरकार के स्वामित्व में वापस लेकर उस पर औद्योगिक, व्यवसायिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां शुरू कराने के लिए पैरवी कर रहे थे। उनका कहना है कि रबर फैक्टरी प्रबंधन ने शर्तों का उल्लंघन किया है। क्योंकि जब जमीन सरकार ने उपलब्ध कराई थी तब यह शर्त थी कि फैक्टरी बंद होते ही भूमि पर सरकार का स्वामित्व हो जाएगा। विधायक बहोरन लाल मौर्य ने मुख्यमंत्री के साथ बैठक में अवगत कराया था कि उनके विधानसभा क्षेत्र के तीन गांवों की जमीन भी शामिल है। जमीन सरकार में वापस आने पर विभिन्न योजनाएं और उपक्रम यहां शुरू हो सकते हैं। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की शिकायत और मांग को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी निर्देश दिए हैं। इस तरह जनप्रतिनिधियों की पैरवी ने रंग लाना शुरू कर दिया है। पहली सफलता भी मिल गई है। विधायक मौर्य ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की भावना को समझा इसलिए सिस्टम में तेजी आई है। उम्मीद है जल्द फैक्टरी जमीन पर सरकार काबिज हो जाएगी।

पैमाइश में मिली थी सिर्फ 1232.79 एकड़ जमीन

पिछले माह शासन के निर्देश पर डीएम नितीश कुमार ने टीम बनाकर फैक्टरी जमीन की पैमाइश कराई थी। मौके पर 1380.23 एकड़ के बजाय कुल 1232.79 एकड़ भूमि मिली। इसलिए रिसीसर एनबी ठक्कर ने याचिका बीते दिनों हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि मौके पर भूमि कम होने के कारण आदेश का पालन करना संभव नहीं है। मगर, अब कोर्ट ने फैक्टरी जमीन और संपत्तियों पर कब्जा दिलाने का आदेश स्थगित कर दिया है।

मंगलवार सुबह बॉम्बे हाईकोर्ट में रबर फैक्टरी प्रकरण में सरकारी पक्ष रखने के लिए हमने अर्जी लगाई। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से सुना और अलकेमिस्ट कंपनी को फैक्टरी की जमीन और संपत्तियों पर कब्जा दिलाने संबंधी आदेश पर रोक लगा दी है। अन्य पक्षकारों से कहा कि वे भी 30 जनवरी तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर पक्ष रख सकते हैं। - रमेश दुबे पाटिल, वरिष्ठ अधिवक्ता

रबर फैक्टरी मामले में शासन ने एक वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया है। मंगलवार को हाईकोर्ट खुला और नामित अधिवक्ता ने सरकार की ओर से पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लिया और फिलहाल फैक्टरी की संपत्ति और जमीन पर कब्जा देने संबंधी आदेश पर रोक लगा दी है। प्रशासन और शासन इस मामले में प्रभावी पैरवी करेगा। - मनोज पांडेय, एडीएम वित्त एवं राजस्व

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